''फोर्स ने मछली पकड़ रही महिलाओं और गाय ढूंढ रहे बच्‍चों पर बरसाई थीं गोलियां''

छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले में हाल ही में हुई मुठभेड़ों को सर्व आदिवासी समाज ने फर्जी बताया है. समाज ने मछली पकड़ रही महिला और गाय ढूंढ रहे नाबालिग पर गोलियां बरसाने का आरोप सुरक्षा बलों पर लगाया है.

Abdul Hameed Siddique | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: January 12, 2018, 6:45 PM IST
''फोर्स ने मछली पकड़ रही महिलाओं और गाय ढूंढ रहे बच्‍चों पर बरसाई थीं गोलियां''
प्रेस वार्ता के लिए पहुंचे सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी और ग्रामीण.
Abdul Hameed Siddique
Abdul Hameed Siddique | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: January 12, 2018, 6:45 PM IST
छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले में हाल ही में हुई मुठभेड़ों को सर्व आदिवासी समाज ने फर्जी बताया है. समाज ने मछली पकड़ रही महिला और गाय ढूंढ रहे नाबालिग पर गोलियां बरसाने का आरोप सुरक्षा बलों पर लगाया है. समाज के नेताओं का कहना है कि वे बेकसूर लोगों की हत्‍या के खिलाफ कोर्ट जाएंगे. इसके साथ ही उग्र आंदोलन भी किया जाएगा.

दंतेवाड़ा जिला मुख्‍यालय के सर्किट हाउस में शुक्रवार को सर्व आदिवासी समाज ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया. इसमें समाज के महासचिव धीरज, सदस्‍य सोनी सोरी, विमला सोरी के साथ ही करका गांव की घटना के प्रत्‍यक्षदर्शी मनोज ने भाग लिया. इन्‍होंने मीडिया को बताया कि दोनों मुठभेड़ एकतरफा थीं. सिर्फ फोर्स ने गोलियां बरसाईं. जिन पर गोलियां बरसाई गईं, वे नक्सली नहीं बल्कि निर्दोष ग्रामीण थे, जो अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे.

यह भी पढ़ें- बीजापुर पुलिस पर दो नाबालिगों को गोली मारने का आरोप

वक्‍ताओं ने बताया कि सर्व आदिवासी समाज का एक जांच दल दोनों जिलों का दौरा कर घटना के संबंध में जांच करके आया है. दल ने अपनी जांच में इन मुठभेड़ों को पूरी तरह फर्जी पाया है. उन्‍होंने बताया कि सुकमा जिले के गोमपाड़ में मछली पकड़ रहीं महिलाओं पर गोलियां बरसाई गईं, जिनमें गांव की एक महिला गोली लगने से घायल हुई है. उसका इलाज जारी है. पुलिस इसे महिला नक्सली बता रही है.

उन्‍होंने बताया कि गत चार जनवरी को बीजापुर जिले के करका में चार नाबालिग अपनी गाय ढूंढने जंगल गए हुए थे. फोर्स ने उन पर गोलियां बरसाईं, जिसमें सोमारू नामक नाबालिग की मौत हो गई, जबकि गोली से घायल हिड़मा उर्फ बोटी के साथ दो अन्य ने भागते हुए अपनी जान बचाई. इस मुठभेड़ में भी मारे गए सोमारू को पुलिस नक्सली बता रही है.

यह भी पढ़ें- हिड़मा के इलाके में सुरक्षा बलों ने एक महिला नक्सली को मार गिराया 

करका में घटना स्थल से अपनी जान बचाकर पहुंचे मनोज ने मीडिया को बताया कि चार लोग गाय ढूंढने पास के ही जंगल गए हुए थे. वहां पहले से मौजूद फोर्स ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मौके पर ही सोमारू को गोली लगी और उसे गिरते हुए देखा. फिर जिंदा बचे 3 लोगों ने भागते हुए एक गड्ढे में कई घंटे छुपकर जान बचाई. जब गोलियों की आवाज बन्द हुई तो गांव भागकर पहुंचे और सबको घटना के बारे में बताया.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर