पति की मौत का सच जानने के लिए 1 महीने बाद महिला ने निकलवाया शव

पीड़ित पत्नी सोमली का दावा है कि उसके पति की हत्या हुई है. बचनू की मौत के पूरे एक महीने बाद जब सोमली को न्याय नहीं मिला, तो उसने हिम्मत जुटाकर थाने में रिपोर्ट लिखाई, अब पुलिस आगे की जांच की बात कह रही है.

News18 Chhattisgarh
Updated: July 13, 2019, 12:20 PM IST
पति की मौत का सच जानने के लिए 1 महीने बाद महिला ने निकलवाया शव
पति की मौत का सच जानने के लिए 1 महीने बाद महिला ने निकलवाया शव (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: July 13, 2019, 12:20 PM IST
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक पत्नी ने सच जानने के लिए एक महीने के बाद अपने पति के शव को निकलवाया है. पीड़ित पत्नी सोमली का दावा है कि उसके पति की हत्या हुई है. बचनू की मौत के पूरे एक महीने बाद जब पत्नी सोमली पंचायत पहुंची, तो उसे न्याय मिलता नहीं दिखा. इसके बाद तमाम धमकियों और दबावों के बीच पत्नी अपने पति की मौत का सच पता करने के लिए हिम्मत जुटाई. बता दें कि बीते 13 जून को घोटपाल के रहने वाले बचनू की मौत हो गई थी.

FIR के बाद गांव पहुंची पुलिस, निकाला शव



श्मशान घाट- graveyard
FIR के बाद गांव पहुंची पुलिस, निकलवाया शव


बहरहाल, महिला ने साहस दिखाकर मायके पक्ष की मदद लेकर पुलिस के पास पहुंची. एफआईआर के बाद शुक्रवार को गीदम टीआई अजय सिन्हा पुलिस की टीम, प्रभारी तहसीलदार दीपिका देहारी घोटपाल गांव पहुंची. यहां 100 से ज्यादा ग्रामीणों की मौजूदगी में महीने भर पहले दफनाए गए बचनू के शव को बाहर निकाला गया.

करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. भारी दबाव के बीच भी पत्नी की इस हिम्मत को देख सभी लोगों ने सोमली की सराहना की. प्रभारी तहसीलदार दीपिका देहारी ने बताया कि मामले के संबंध में सूचना मिली थी, जिसके बाद परिजनों की मांग पर दफनाए गए शव को फिर से खोदकर निकाला गया है.

पंचायती बैठक में नहीं मिला इंसाफ, तो लिया ये फैसला

बीते 12 जून को सुबह करीब 10 बजे गांव के ही जिला कड़ती, पायकू और जयो मंडावी महिला के घर पहुंचे थे. उससे बचनू के बारे में पूछा गया कि वो कहां है. जिस पर महिला ने बताया कि वो छीन झाड़ तरफ गए हुए हैं. कुछ देर बाद ये तीनों बचनू को घर लेकर आए और उसकी जमकर पिटाई की. फिर उससे 1000 रुपए की मांग करने लगे. इस दौरान महिला और उसके देवर ने किसी तरह बीच बचाव किया. इसके बाद पास में रखे 550 रुपए आरोपियों को दे दिया. 13 जून की सुबह देवर ने बताया कि घर से 200 मीटर दूर बचनू की लाश पड़ी है.
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बचनू के शरीर पर चोट के निशान थे. तभी महिला ने कहा था कि उसके पति की हत्या हुई है. थाने में रिपोर्ट करने की बात पर उसे गांव से निकालने की धमकी दी गई. इसके बाद महिला ने 14 जून को पति के शव का अंतिम संस्कार कर दिया. इसके बाद महिला शिकायत लेकर पंचायत में पहुंची, जहां बैठकें भी हुईं पर महिला को इंसाफ नहीं मिला.

11 जुलाई को थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट

इस तरह करीब एक महीने बीतने के बाद महिला ने थोड़ी हिम्मत दिखाई और बीते 11 जुलाई को गीदम थाने जाकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई और कहा कि उसके पति की हत्या हुई है, उसे न्याय चाहिए.

दूध मुंहे बच्चे को लेकर बैठी रही श्मशान घाट पर

इसके बाद अपने पांचों बच्चों को लेकर सोमली श्मशान घाट पहुंची, जहां उसके पति के शव को दफनाया गया था. सोमली अपने सवा महीने के दूध मुंहे बच्चे को लेकर करीब 5 घंटे श्मशान घाट में बैठी रही. सोमली की इस स्थिति को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई थी. दरअसल, जिस वक्त उसके पति की मौत हुई थी, उसके हफ्तेभर पहले ही बच्चा हुआ था.

बहरहाल, शव निकालते ही बचनू की पत्नी और दादी फूट-फूटकर रोने लगी. वहीं सोमली के मामा सोनाराम ने बताया कि दबाव के कारण शव को दफनाया गया था.

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