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बाढ़ की स्थिति से निपटने का प्रशासन ने किया दावा

बाढ़ की स्थिति से निपटने का प्रशासन ने किया दावा

बाढ़ की स्थिति से निपटने का प्रशासन ने किया दावा

छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा बांध गंगरेल 96 फीसदी से ज्यादा भर चुका है. अब जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 25 सेंटीमीटर नीचे रह गया है.

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छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा बांध गंगरेल 96 फीसदी से ज्यादा भर चुका है. अब जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 25 सेंटीमीटर नीचे रह गया है. 32 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल में 31 टीएमसी से ज्यादा जल भराव दर्ज किया गया है. साथ ही लगातार पानी की आवक बनी हुई है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ आपदा की तैयारी कर ली है.

बता दें कि धमतरी जिले में महानदी के तट पर कुल 76 गांव आते हैं. ऐसे में बारिश को देखते हुए सभी तटीय गांवों को भी अलर्ट कर दिया गया है. मामले में जानकारी देते हुए जिला कलेक्टर सी. आर. प्रसन्ना ने बताया कि फिलहाल बांध का एक ही गेट खोला गया है, जिसमें से करीब 1300 क्यूसेक पानी रुद्री बराज और फीडर केनाल में छोड़ा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि पानी की आवक और जिले के अन्य 3 बांधों में जलभराव को देखते हुए जल्द ही गंगरेल बांध के और भी गेट खुल सकते हैं. उन्होंने कहा कि महानदी में पानी छोड़ा जा सकता है. आपको बता दें कि बीते 2 साल के बाद पहली बार इतनी बारिश में गंगरेल बांध में इतना पानी भरा हुआ है. साथ ही पानी छोड़ने की नौबत आ गई है. जल संसाधन विभाग ने महानदी तट वाले अन्य जिलों को भी सतर्क रहने की चेतावनी दी है. धमतरी जिला प्रशासन का दावा है कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली गई हैं.
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