धमतरी में महज एक सीट पर सिमटी कांग्रेस, ये बने हार की असल वजह
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पिछले चुनाव की तरह दो सीटों पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की. इस चुनाव की खास बात ये रही कि दो सीटों पर कांग्रेस के बागियों ने कांग्रेस को हराने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई.

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के नतीजे धमतरी जिले के लिए काफी दिलचस्प रहे. हालांकि इस बार के चुनाव में धमतरी की तीन सीटों का अनुपात नहीं बदला. इस बार भी पिछले चुनाव की तरह दो सीटों पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की. इस चुनाव की खास बात ये रही कि दो सीटों पर कांग्रेस के बागियों ने कांग्रेस को हराने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई. धमतरी में कांग्रेस के बागी ने 30 हजार वोट खीचे, तो कुरूद में बागी ने 60 हजार वोट हासिल कर किए. इस तरह बागियों ने बाजी पलट दी.

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बता दें कि सिहावा कुरूद और धमतरी सीट के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे शुरू हुई गिनती रात 8 बजे तक चलती रही. सबसे पहले कुरूद के नतीजे आए. यहां से मंत्री अजय चंद्राकर ने लगभग 12 हजार वोटों से जीते हासिल की. लेकिन इस बार कुरूद में निर्दलीय नीलम चंद्राकर ने 60 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए और दूसरे स्थान पर आकर सबको हैरान किया. कुरूद में कांग्रेस की स्थित काफी कमजोर रही. रिटर्निंग अफसर से प्रमाण पत्र लेने के बाद अजय चंद्राकर ने कहा कि भाजपा साफ नहीं हो सकती. अब 2019 में पार्टी को फिर से केंद्र में जिताने के लिए मेहनत करेंगे.



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तो वहीं मतगणना केंद्र में अपनी हार के स्पष्ट संकेत मिलने के बाद कुरूद की कांग्रेस प्रत्याशी शाम होने से पहले ही लौट गई. वहीं मंत्री अजय को कड़ी टक्कर देने वाले निर्दलीय नीलम चंद्राकर ने अपनी हार को सम्मानजनक माना. वहीं सिहावा विधानसभा सीट के वोटों की गिनती 17 राउंड तक चली. हर राउंड में कांग्रेस की लक्ष्मी ध्रुव भाजपा की पंकी शाह पर लीड बढ़ाती चली गई. लक्ष्मी ध्रुव ने सिहावा से 45 हजार वोटों की लीड के साथ शानदार जीत दर्ज की.

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लेकिन धमतरी विधानसभा में आखिरी 19वें राउंड तक कांटे की टक्कर चलती रही. वर्तमान ‌विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी गुरूमुख सिंह होरा और भाजपा की रंजना साहू के बीच कड़ा संघर्ष चला. आखिर में रंजना साहू ने होरा को 467 वोटों से हरा दिया. ये नतीजे कांग्रेस प्रत्याशी को बर्दाश्त नहीं हुए और रि-काउंटिंग की मांग की गई. काफी बहस के बाद भी निर्वाचन अधिकरी ने कांग्रेस की मांग ठुकरा दी. इसके बाद कांग्रेस ने अधिकारियों पर ही पक्षपात करने का आरोप लगाया है. वहीं धमतरी में कांग्रेस की हार का कारण बने बागी आनंद पवार ने अपनी हार तो स्वीकारी, लेकिन होरा की हार को धमतरी की जीत बताया.

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