धमतरी: गर्मी के बढ़ते ही जिले के बांधों से पानी छोड़ने का बढ़ा दबाव

धमतरी जिले में गर्मी के बढ़ते ही जिले के बांधों पर पानी छोड़ने का दबाव बढ़ गया है. ऐसे में जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगरेल बांध के गेट खोल दिए गए हैं. इसमें धमतरी के बांधों से अब 3 जिलों के 766 से ज्यादा गांवों में 1300 से ज्यादा तालाबों को भरा जाएगा.

Abhishek Pandey
Updated: April 17, 2018, 1:52 PM IST
धमतरी: गर्मी के बढ़ते ही जिले के बांधों से पानी छोड़ने का बढ़ा दबाव
धमतरी: गर्मी के बढ़ते ही जिले के बांधों से पानी छोड़ने का बढ़ा दबाव
Abhishek Pandey
Updated: April 17, 2018, 1:52 PM IST
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गर्मी के बढ़ते ही जिले के बांधों पर पानी छोड़ने का दबाव बढ़ गया है. ऐसे में जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगरेल बांध के गेट खोल दिए गए हैं. इसमें धमतरी के बांधों से अब 3 जिलों के 766 से ज्यादा गांवों में 1300 से ज्यादा तालाबों को भरा जाएगा. फिलहाल, धमतरी के 3 बांधों में करीब 17 टीएमसी पानी है, जबकि एक बांध पूरी तरह खाली हो चुका है.

आपको बता दें कि पिछले साल के सावन भादो में इंद्र देव की कृपा नहीं हुई थी. इस कारण जिले में कम बारिश हुई थी, जिससे तालाब भर नहीं पाया था. इस दौरान तालाब में जो पानी पहले से था, अब वो भी तेज गर्मी के कारण सूख चुका है.

आलम यह है कि गांवों में अब गर्मी के आते ही गंभीर जल संकट की स्थिति पैदा होने लगी है. गांव गांव से पानी की मांग के लिए लगातार आवेदन आ रहे हैं. इसे देखते हुए गंगरेल बांध से पानी छोड़ने का फैसला किया गया है. साथ ही इसके मद्देनजर धमतरी में जल उपयोगिता समिति की बैठक रखी गई. इस बैठक में कुछ अहम फैसले लिए गए.

इसमें जिले के 60 से ज्यादा गांवों में 370 तालाबों को बांध के पानी से भरने के लिए चिन्हांकित किया गया है. इसके अलावा बालोद, बलौदाबाजार और रायपुर के 766 गांवों के 1300 से ज्यादा तालाबों को भी निस्तारी के लिए पानी दिया जाएगा. जहां तक राजधानी की प्यास बुझाने का सवाल है तो हर साल 61 मिलियन घन मीटर पानी दिया जाता है, लेकिन इस साल मांग बढ़ी है और अब तक 71 मिलियन घन मीटर पानी दिया जा चुका है. जाहिर है अभी पूरी गर्मी बाकी है और ये आंकड़ा आगे और भी बढ़ सकता है.

ताजा स्थिति देखें तो धमतरी में स्थित 4 बांधों में से एक मुरम सिल्ली बांध खाली हो चुका है. वहीं गंगरेल में 45 फीसदी दुधावा में 23 फीसदी और सोंढूर में 33 फीसदी पानी बाकी है. कुल मिलाकर अभी 16.77 टीएमसी पानी मौजूद है. हालांकि जिला प्रशासन ने इतने पानी को पर्याप्त बताया है. कहा जा सकता है कि कम वर्षा के बाद भी रायपुर, बालोद और बलौदाबाजार में इस गर्मी में बड़े जल संकट की स्थिति नहीं होगी.
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