मिशन पानी: सूखे की समस्या के बीच मिसाल बना ये गांव, 700 घरों में हैं एक हजार कुएं

News 18 के 'मिशन पानी' के तहत जल संरक्षण के लिए काम करने वाले छत्तीसगढ़ के एक गांव के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

Abhishek Pandey | News18 Chhattisgarh
Updated: July 4, 2019, 3:35 PM IST
मिशन पानी: सूखे की समस्या के बीच मिसाल बना ये गांव, 700 घरों में हैं एक हजार कुएं
छत्तीसगढ़ के एक गांव के लोग जल संरक्षण के क्षेत्र में उम्दा काम किए हैं.
Abhishek Pandey | News18 Chhattisgarh
Updated: July 4, 2019, 3:35 PM IST
एक ओर जहां देश में कई इलाके सुखे की मार झेल रहे हैं, कुछ इलाकों में तो गर्मी के दिनों में बूंद बूंद पानी के लिए लोग तरस जाते हैं. ऐसे में छत्तीसगढ़ के एक गांव के लोग जल संरक्षण के क्षेत्र में उम्दा काम किए हैं. जल संरक्षण की इस नीति को गांव के लोग करीब 50 साल पहले से ही अपना रहे हैं. नतीजतन इस गांव को आज तक कभी भी जल संकट का दंश नहीं झेलना पड़ा है. जल संरक्षण के लिए काम करने वाले छत्तीसगढ़ के एक गांव के बारे में हम आपको न्यूज 18 के 'मिशन पानी' के तहत बताने जा रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भटगांव में ग्रामीणों ने ट्यूब वेल को छोड़ ट्रेडिशनल वेल को अपनाया और जलसंरक्षण की मिसाल बन गया. इस गांव में बीते 40-50 साल से जल संकट नहीं हुआ. वजह है वो अभियान जिसमें गांव के हर घर मे कुआं खोदा गया था. आज जहां धमतरी के ज्यादातर गाव में जल संकट है तो वहीं भटगाव के हर कुएं में महज 10 से 12 फीट में भरपूर पानी है.

गांव में बना कुंआं.


..तो लोग यकीन नहीं करते हैं

भटगांव के ग्रामीण राजाराम और मोहित देवांगन बताते हैं कि अगर आज हम किसी को बताते हैं कि जमीन के नीचे 10 से 12 फीट में पानी मिल जाता है तो कई लोग यकीन नहीं करते हैं. क्योंकि आज छत्तीसगढ़ में कहीं भी बोर वेल करवाया जाए, 100 से 400 फीट गहरा खोदन के बाद ही गुणवत्तायुक्त पानी मिलता है. गर्मियों में वो और भी नीचे चला जाता है. भूजल स्तर का पूरी दुनिया में यही बुरा हाल है, लेकिन हमारा भटगांव सारी दुनिया से अलग है.

File Photo.


सुखे के बाद सबक
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ग्रामीण महेश कुमार और हेमलाल कहते हैं कि हमारे गांव में जल संकट नहीं होता. क्योंकि यहां ट्यूब वेल को छोड़ हमने ट्रेडिशनल वेल को अपनाया है. ट्रेडिशनल वेल मतलब परंपरागत कुआं. बताते हैं कि धमतरी शहर से सिर्फ 6 किलोमीटर दूर भटगांव में लगभग 50 साल पहले सूखा पड़ा था, पानी के लिये त्राही त्राही मची. तभी गांव ने एकमत होकर कुआं खोदने का फैसला किया और हर तरह से पानी को बचाने की सीख भी सूखे के कारण मिली. तब से ये गांव पानी की बचत और बढ़त को नियंत्रित कर रहा है.

गांव में 1 हजार कुंए
धमतरी के भटगांव में कुल 700 परिवारों का घर है, लेकिन जल संरक्षण के लिए इस गांव में करीब एक हजार कुएं हैं. इन कुओं में जल स्तर बनाए रखने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग नीति का पालन भी किया जा रहा है. इस गांव के लोगों का कहना है कि पानी का स्त्रोत तो कई होते हैं, लेकिन इस तरह से भूजल स्तर को बढ़ाने के लिये ट्रेडिशनल कुएं एक बेहतर विकल्प हैं.

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First published: July 3, 2019, 12:54 PM IST
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