गांव की खनिज संपदा को बचाने के लिए सामने आईं ग्रामीण महिलाएं

धमतरी जिले की रेत खदानों में अवैध उत्खनन और चोरी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं. इसी क्रम में अब जिले की पढ़ी लिखी ग्रामीण महिलाएं अपने गांव की खनिज संपदा को बचाने के लिए सामने आने लगी हैं.

Abhishek Pandey
Updated: April 17, 2018, 12:28 PM IST
गांव की खनिज संपदा को बचाने के लिए सामने आईं ग्रामीण महिलाएं
गांव की खनिज संपदा को बचाने के लिए सामने आईं ग्रामीण महिलाएं
Abhishek Pandey
Updated: April 17, 2018, 12:28 PM IST
छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की रेत खदानों में अवैध उत्खनन और चोरी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं. इसी क्रम में अब जिले की पढ़ी लिखी ग्रामीण महिलाएं अपने गांव की खनिज संपदा को बचाने के लिए सामने आने लगी हैं. आपको बता दें कि शहर से लगे गांव कोलियारी की महिलाओं ने जब देखा कि महानदी से खुलेआम रेत की अवैध निकासी हो रही है, तो उन्होंने पंचायत और जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों से इसकी शिकायत की. इस दौरान उनकी शिकायत पर संबंधित विभाग और जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर महिलाओं ने खुद अपने गांव की खनिज संपदा को बचाने की जिम्मेदारी उठा ली.

इन महिलाओं के समूह में कोई ग्रेज्युएट है, तो कोई मेट्रिक पास है. महिलाओं ने बकायदा विधिवत आवेदन देकर जिला प्रशासन से मांग की है कि अब गांव के रेत खदान को उनके हाथों में सौंपा जाए. ताकि वो खदान संचालन से हो रहे अवैध निकासी पर रोक लगा सकें. इससे पंचायत और प्रशासन को राजस्व भी मिलेगा.

अक्सर ऐसे खदानो में विवाद और मारपीट की स्थिति बनती है. इस कारण खदान संचालक यहां लठैत और लड़ाकू लोगों को तैनात रखते हैं. महिलाओं द्वारा खदान संचालन की कल्पना भी कोई नहीं कर सकता, लेकिन कोलियारी की महिलाओं ने जो साहसिक फैसला लिया है वो काबिले तारीफ है. इधर, जिला प्रशासन ने इन महिलाओं को नियमों के मुताबिक खदान देने में मदद का आश्वासन दिया है.

बहरहाल, खनिज विभाग और जिला प्रशासन कार्रवाई और रोकथाम के दावे तो करती है, लेकिन अब शायद ये उनके बस की बात नहीं है. इसलिए अब इसे रोकने के लिए महिलाओं को सामने आना पड़ा है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर