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छत्तीसगढ़: डेढ़ दशक से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा धमतरी का ये अस्पताल

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डॉक्टरो के पद बढ़ा दिए, लेकिन आज भी यहां 200 बिस्तर के लायक न डाक्टर नियुक्त हो सके और न ही आधुनिक सुविधाएं मिल सकी.

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छत्तीसगढ़ के धमतरी का जिला अस्पताल बीते लगभग डेढ़ दशक से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है. 200 बिस्तर के इस अस्पताल में तीन जिलों से लोग इलाज करवाने आते है. लेकिन डॉक्टर और जरूरी सुविधाओं की कमी का खामियाजा भुगतते है. मालूम हो कि आबादी के 50 फीसदी लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पर निर्भर है. धमतरी जिला अस्पताल में ये आंकड़ा तीन गुना है. क्योंकि धमतरी के अलावा यहां कांकेर और बालोद जिले के लोग भी इलाज के लिए आते है. मरीजों के लगातार बढ़ते दबाव के कारण यहां की क्षमता बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी. इसके बाद सरकार ने इस अस्पताल को 100 बिस्तर से 200 बिस्तर का बना दिया. डॉक्टरो के पद बढ़ा दिए, लेकिन आज भी यहां 200 बिस्तर के लायक न डाक्टर नियुक्त हो सके और न ही आधुनिक सुविधाएं मिल सकी.

डॉक्टरों के कई पद खाली

जानकारी के मुताबिक धमतरी जिला अस्पताल में 19 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद स्वीकृत है. लेकिन मौजूद सिर्फ चार ही डॉक्टर अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. सोनोग्राफी की मशीन तो सरकार ने दे दी, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के पद पर नियुक्ति आज तक नहीं की गई. नतीजतन, मशीन रखे रखे ही खराब और आउटडेट हो गई है. ट्रामा सेंटर हाल ही में खोला गया, लेकिन एक एसी नहीं लगने के कारण वो भी शुरू नहीं हो सका है. यहां के पैथोलॉजी पर लोगों को पूरा भरोसा नहीं है. इधर मरीजों की संख्या समय और जनसंख्या के मुताबिक लगातार बढ़ रही है. उधर व्यवस्था वहीं की वहीं है. लिहाजा समस्या और गंभीर होती जा रही है. वर्तमान में मौजूद डॉक्टरों पर काम का लगातार दबाव बढ़ रहा है. साल भर पहले इसी दबाव के कारण कई डॉक्टरो ने नौकरी भी छोड़ दी थी. जो डाक्टर बचे हुए है उन पर मरीजों के दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है. इस बदतर हालात का खामियाजा डॉक्टर और मरीज दोनों भुगत रहे है.



जिम्मेदार कह रहे ये बात
इस पूरे मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन एसएम मूर्ति का कहना है कि जिला अस्पताल में खासकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है. डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है. शासन ने बिना किसी अर्चन के नियुक्ति का प्रावधान किया है. अब सवाल ये ही है कि सभी विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त के लिए उपलब्ध हो जाए. अगर डॉक्टर उपलब्ध हो जाएंगे तो उनकी नियुक्ति भी हो जाएगी. जल्द की डॉक्टरों की कमी पूरी कर ली जाएगी. एनएचएम के तहत भी डॉक्टरों की नियुक्ति का प्रावधान है. इस प्रावधान के तहत 3 से 4 चिकित्सक जिला अस्पताल में कार्यरत है. अभी 19 विशेषज्ञ डॉक्टरों का प्रावधान है और कार्यरत 4 डॉक्टर है.

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