इस बार बैनर, होर्डिंग नहीं बल्कि सोशल मीडिया के जरिए मतदाता को किया जा रहा एप्रोच
Dhamtari News in Hindi

इस बार सोशल मीडिया और सीधा जनसंपर्क से ही मतदाता को एप्रोच किया जा रहा है. इसके पीछे इंटरनेट यूजर्स की बाढ़ और चुनाव आयोग की सख्ती ये दो बड़े कारण हैं.

  • Share this:
देश में हो रहे 16वें लोकसभा चुनाव में प्रचार का पैटर्न पूरी तरह से बदल चुका है. बैनर, होर्डिंग, वॉल पेंटिंग, बिल्ले, स्टीकर इस बार पूरी तरह से गायब हैं. इस बार सोशल मीडिया और सीधा जनसंपर्क से ही मतदाता को एप्रोच किया जा रहा है. इसके पीछे इंटरनेट यूजर्स की बाढ़ और चुनाव आयोग की सख्ती ये दो बड़े कारण हैं. हालांकि लोकसभा चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर है, लेकिन शहर और गांवों की सड़कों पर देखे तो लगता है कि चुनाव है भी या नहीं. क्योंकि नजारे वैसे बिलकुल नहीं हैं जैसे बीते लोकसभा चुनाव के दौरान थे.

यहां तक कि बीते विधानसभा चुनाव में भी यहां ऐसा देखने को नहीं मिला था. शहर में इक्का-दुक्का जगहों को छोड़ दें, तो न कहीं वॉल पेंटिंग हैं, न बैनर, न झंडे, न होर्डिंग और ना ही स्टीकर हैं. ये चुनाव प्रचार के इतिहास में युग परिवर्तन जैसा है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा क्यों? इसके पीछे दो बड़ी वजह है. पहली वजह ये कि इंटरनेट यूजर्स की बाढ़ जो लगातार गुणात्मक रूप से बढ़ रही है. क्या शहर और क्या गांव अब सभी जगह फेसबुक और व्हाट्सएप की साख है.

वहीं दूसरा कारण चुनाव आयोग द्वारा खर्च पर कड़ी निगरानी और सीमित बजट है. बुजुर्ग नेता भी मानते हैं कि पुराने जमाने में और आज के जमाने में जमीन आसमान का फर्क आ चुका है. सोशल मीडिया से मतदाता तक सीधा पहुंचना आसान भी है और कई गुना सस्ता भी, साथ ही कहीं ज्यादा असरदार भी है. इसके लिए सियासी दलों ने साइबर वार रूम बना रखे हैं, जहां से लगातार कंप्यूटर और मोबाइल के जरिए पोस्ट अपलोड किए जाते हैं. इसका एक फायदा और है कि ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मतदाता का मूड भी फौरन पता चल जाता है. इसके लिए राजनीतिक दल अलग से रणनीति बनाते हैं. ताकि विरोधी दल को साइबर रेस में पछाड़ सकें.



बहरहाल, वैसे इंटरनेट की सुलभता का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आज ज्यादा से ज्यादा लोग राजनीतिक रूप से जागरूक हो चुके हैं. देश-दुनिया के हालात से अपडेट रहते हैं. ऐसे में सही सरकार चुनने के लिए यही तो ज्यादा जरूरी है.
ये भी पढ़ें:- बीजेपी-कांग्रेस ने बदला कैंपेनिंग पैटर्न, जाति की जगह इस समीकरण पर फोकस

ये भी देखें:- VIDEO: लाल आतंक पर भारी पड़ा लोकतंत्र, दुधमुंहे बच्चों के साथ मतदान करने पहुंची महिलाएं 

ये भी पढ़ें:- पहले चरण के मतदान से पहले बीजापुर में तीन बंदूकों के साथ 4 नक्‍सली गिरफ्तार

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsAppअपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading