ट्रेनिंग और लाइसेंस देने के बाद भी महिलाओं को नहीं मिली ई रिक्शा

ट्रेनिंग और लाइसेंस देने के बाद भी महिलाओं को नहीं मिली ई रिक्शा

ट्रेनिंग और लाइसेंस देने के बाद भी महिलाओं को नहीं मिली ई रिक्शा

ट्रेनिंग लिए हुए इन महिलाओं को 6 माह बीत गए हैं, लेकिन न तो इन्हें ई रिक्शा मिला और ना ही इनके कमाने सपना पूरा हुआ.

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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला पंचायत में 'बिहान योजना' बीते 4 माह से अटकी हुई है, जिसका खामियाजा यहां की महिलाओं को भुगतनी पड़ रही है. दरअसल, इस योजना के तहत इन महिलाओं ने ई रिक्शा चलाने की न सिर्फ ट्रेनिंग ली थी बल्कि एक बेहतर और समृद्ध भविष्य बनाने का सपना भी देखा था. बता दें कि ट्रेनिंग लिए हुए इन महिलाओं को 6 माह बीत गए हैं, लेकिन न तो इन्हें ई रिक्शा मिला और ना ही इनके कमाने सपना पूरा हुआ. महिलाओं का कहना है कि ई रिक्शा चलाने के लिए उन्हें जो लर्निंग लाइसेंस दिए गए थे, वो भी अब एक्सपायर हो गए हैं.



'बिहान योजना' रुर्बन क्लस्टर मिशन के तहत गांवों की महिलाओं को आर्थिक रूप से खुदमुख्तार बनाने की योजना है. इसकी कल्पना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी और ये योजना लागू करवाई थी. इसके तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर डेढ़ लाख से ज्यादा की सब्सिडी हर रिक्शे पर देती है.



बहरहाल, धमतरी में ऐसी 100 महिलाओं को ट्रेंनिग दी गई थी, जिनमें से 40 महिलाओ को ई रिक्शे भी दिए गए, लेकिन बाकी की महिलाओं को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है. हैरानी इस बात की है कि योजना को अटकाने की सही वजह नहीं बताई जा रही है जबकि केंद्र से इसके लिए 6 माह पहले ही सारा फंड ट्रांसफर किया जा चुका है. परेशान महिलाएं हर जनदर्शन में इसकी शिकायत कर रही हैं यहां तक कि मंत्रियों के बंगले में जाकर गुहार लगा रही हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा.





पूछे जाने पर जिला प्रशासन के पास वही रटा रटाया पुराना जवाब सुनने को मिलता है कि जल्द रिक्शे बांटे जाएंगे, लेकिन कब इसका जवाब उनके पास नहीं मिलता.
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