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नाम बदलकर भिलाई में रह रही बंग्लादेशी मुस्लिम महिला गिरफ्तार, फर्जी पासपोर्ट और वोटर कार्ड बरामद

निलेश त्रिपाठी | News18 Chhattisgarh
Updated: January 20, 2020, 9:22 PM IST
नाम बदलकर भिलाई में रह रही बंग्लादेशी मुस्लिम महिला गिरफ्तार, फर्जी पासपोर्ट और वोटर कार्ड बरामद
दुर्ग जिले के भिलाई के जामुल थाना क्षेत्र से एक बंग्लादेशी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भिलाई (Bhilai) की जामुल थाना पुलिस (Police) ने बताया कि मु​खबिर से सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड 32 एकड़ क्षेत्र के एक घर में बंग्लादेशी महिला फर्जी तरीके से रह रही है.

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दुर्ग. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और एनआरसी (NRC) को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग जिले से बड़ी खबर आ रही है. दुर्ग (Durg) जिले के भिलाई (Bhilai) के जामुल थाना क्षेत्र से एक बंग्लादेशी महिला को पुलिस (Police) ने गिरफ्तार किया है. महिला फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर यहां रह रही थी. मुस्लिम महिला ने अपना नाम बदलकर उससे फर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर लिए थे.

भिलाई (Bhilai) की जामुल थाना पुलिस (Police) ने बताया कि मु​खबिर से सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड 32 एकड़ क्षेत्र के एक घर में बंग्लादेशी महिला फर्जी तरीके से रह रही है. महिला के संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल होने की जानकारी पुलिस को मिली थी. इसके आधार पर ही पुलिस ने उसके निवास पर दबिश दी. इसके बाद पूछताछ व दस्तावेजों की जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ. पुलिस ने बताया कि बंग्लादेश की नागरिक आशा अख्तर ने अपना नाम बदलकर प्रिया पराड़कर रख लिया था.

वीजा एक्सपायर होने के बाद की शादी
जामुल थाना प्रभारी लक्ष्मण कुमेठी ने बताया कि आशा अख्तर करीब दो साल पहले बांग्लादेश से रायपुर आई थी. वहीं उसकी पहचान महाराष्ट्र के रहने वाले हेमंत पराड़कर से हुई. जान पहचान बढ़ी, इसी दौरान महिला के इंडियन वीजा की समय सीमा समाप्त हो गई. आरोपियों ने बताया कि इसके बाद दोनों ने शादी कर ली और हाउसिंग बोर्ड में आकर रहने लगे. महिल ने बगैर किसी कानूनी प्रक्रिया के अपना नाम बदल लिया और फर्जी दस्तावेजों के सहारे दोनों ने पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, पेन कार्ड समेत अन्य आईडी प्रूफ करने वाले दस्तावेज तैयार करवा लिए.

मलेशिया भागने की थी तैयारी
जामुल पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार की गई आशा अख्तर और हेमंत पराड़कर भारतीय पासपोर्ट के सहारे मलेशिया भागने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई. भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए दोनों ने जो दस्तावेज पेश किए वो भी फर्जी हैं. आरोपियों के खिलाफ धारा 420, फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धारा 467, 468, 471 व एक से अधिक आरोपी होने से धारा 34 व पासपोर्ट अधिनियम 12 1 बी, विदेशी विषेयक अधिनियम की धारा के तहत जुर्म दर्ज किया गया है.

कवर्धा से एक हो चुका है गिरफ्तारबता दें, कवर्धा पुलिस ने बीते 14 जनवरी को पंडरिया थाना क्षेत्र के एसबीआई (SBI) के पास एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया. पूछताछ में पता चला कि उसका नाम खर्शीद शेख (आलम) पिता नूर हुसैन है. 33 वर्षीय खर्शीद शेख वार्ड क्रमांक 3 मुजफ्फर नगर (रूस्तम नगर ) थाना पार्वतीपुर, जिला-दिनाशपुर, बांग्लादेश (Bangladesh) का रहने वाला है. आरोपी अवैध तरीके से पंश्चिम बंगाल की सीमा से भारत में प्रवेश किया था.

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First published: January 20, 2020, 7:41 PM IST
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