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ATM में किसी से मदद ले रहे हैं तो सावधान! ऐसे निशाना बनाते हैं ठग

News18 Chhattisgarh
Updated: October 23, 2019, 9:47 AM IST
ATM में किसी से मदद ले रहे हैं तो सावधान! ऐसे निशाना बनाते हैं ठग
पुलिस का दावा है कि एटीएम के बाहर मदद करने के नाम पर शातिर ठग लोगों को अपना निशाना बनाते थे.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग (Durg) जिले की पुलिस (Police) ने एटीएम (ATM) बदलकर ठगी (Fraud) करने के मामले में बड़ा खुलासा किया है.

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दुर्ग. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग (Durg) जिले की पुलिस (Police) ने एटीएम (ATM) बदलकर ठगी (Fraud) करने के मामले में बड़ा खुलासा किया है. पुलिस (Police) का दावा है कि एटीएम के बाहर मदद करने के नाम पर शातिर ठग लोगों को अपना निशाना बनाते थे. शातिर ठगों के निशाने पर महिलाएं और उम्रदराज लोग रहते थे. मदद (Help) करने के नाम पर ठग एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करते थे. आरोपियों ने भिलाई (Bhilai) के छावनी और खुर्सीपार थाना क्षेत्र के अलावा राजनांदगांव में भी ठगी की थी. आरोपियों ने नंदिनी के एक एटीएम के आसपास लोगों को निशाना बनाने के उद्देश्य से घूम रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

दुर्ग (Durg) के एएसपी रोहित झा ने मीडिया को बताया कि एटीएम (ATM) बदलकर ठगी करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. तीनों आरोपी संदीप कुमार राजभर (27), रामअवतार राजभर (24) और धर्मेंद्र कुमार राजभर (25) मूलतः महमूदपुर दीदारगंज उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. तीनों आरोपी सुपेला के एक मकान में किराये पर रहकर फर्नीचर दुकान में काम करते थे. खाली समय में तीनों ऑटो में घूमकर एटीएम की रेकी करते थे. इसके बाद तीनों एक बाइक से निकलते थे और लोगों की मदद करने के नाम पर उनका एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करते थे.

एक साल से कर रहे थे वारदात
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे सालभर से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. आरोपी एटीएम में ऐसे लोगों को टारगेट करते थे, जिन्हें ठीक से एटीएम ऑपरेट नहीं करना आता था. उनकी मदद के बहाने वे एटीएम में दाखिल होते थे. खाताधारक को बातों में उलझाकर उनका कार्ड बदल लेते थे और फिर रुपये निकाल लेते थे. उन्होंने बीते 18 व 19 अक्टूबर को खुर्सीपार व छावनी थाना क्षेत्र में ठगी की. इसके बाद उन्होंने नंदिनी को अपना टारगेट बनाया और वहां पर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे. इसी दौरान डायल 112 के सिपाही विरेंद्र सिंह ने आरोपितों को देखा और संदेह के आधार पर उन्हें पकड़ा. इसके बाद पूछताछ में ठगी के इस गिरोह का खुलासा हुआ.

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First published: October 23, 2019, 9:47 AM IST
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