57 साल बाद थम गई रशियन टेक्नोलॉजी से बनी इस भट्ठी की धड़कनें

Neelesh Tripathi | News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 3:50 PM IST
57 साल बाद थम गई रशियन टेक्नोलॉजी से बनी इस भट्ठी की धड़कनें
ब्लास्ट फर्नेस—2 में ब्लोइंट आउट करते कार्मिक.
Neelesh Tripathi | News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 3:50 PM IST
सेल की यूनिट भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए 12 अक्टूबर 2017 एक ऐतिहासिक दिन बन गया है. क्योंकि इसी दिन ब्लास्ट फर्नेस (धमन भट्ठी) नबंर-2 की धड़कने ब्लोइंग आउट के बाद सदा के लिए थम गईं. 57 साल के लंबे समयकाल के दौरान ब्लास्ट फर्नेस—2 से 21.64 मिलियन टन हॉट मेटेल का उत्पादन किया गया.

भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना के दौरान पूर्णतः रशियन सहयोग से ब्लास्ट फर्नेस क्रमाक-1, 2, व 3 बनाया गया था.
इनमें योजनाबद्ध तरीके से सुधार कार्य किये जाते रहे थे. वर्तमान में ब्लास्ट फर्नेस—2 सबसे कम उत्पादकता और सबसे ज्यादा उत्पादन लागत वाला फर्नेस था. ऐसे में एक सोची-समझी रणनीति के तहत इसे अब सदा के लिए बंद कर दिया गया है. ताकि सबसे आधुनिक ब्लास्ट फर्नेस-8 की शुरुआत के साथ ही संयंत्र की हॉट मेटल आवश्यकता को पूरा करने के लिए अधिक लागत वाली इकाइयों से निजात पाई जा सके.

स्थापना के दौरान की ब्लास्ट फर्नेस—2 की तस्वीर.


ब्लास्ट फर्नेस—2 2 की उत्पादन यात्रा 28 दिसंबर 1959 को हॉट मेटल उत्पादन के साथ शुरू हुई थी.
तब से लेकर अब तक इस फर्नेस ने लम्बा सफर तय किया और कई मकाम हासिल किये. 57 वर्षों के जीवनकाल में कुल 21.64 मिलियन हॉट मेटल का उत्पादन किया.

इस ऐतिहासिक मौके पर संयंत्र के सीईओ एम रवि स्वयं पूरे ब्लास्ट फर्नेस बिरादरी के साथ ब्लोइंग आउट और सेलामेंडल टैपिंग प्रक्रिया में लगातार उपस्थित थे. गौरतलब है कि ब्लोइंग आउट की प्रक्रिया 10 अक्टूबर की शाम को शुरू की गई थी और कल 11 अक्टूबर को देर शाम तक चली. इससे पूर फर्नेस खाली किया गया. फिर देर शाम सेलामेंडल टैपिंग कर फर्नेस की हर्थ से भी बचा हुआ पिघला लोहा निकालकर ब्लोइंग आउट प्रक्रिया पूरी की गई.

12 अक्टूबर को फर्नेस में नियंत्रित रूप से पानी डालकर उसे ठंडा भी कर दिया गया है और इसके साथ ही ब्लास्ट फर्नेस—2 सदा के लिए बंद कर दिया गया. संयंत्र के इस ब्लास्ट फर्नेस—2 ने हॉट मेटल उत्पादन के क्षेत्र में अपने ही पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए दैनिक, मासिक और वार्षिक उल्लेखनीय रिकॉर्ड बनाये.

संयंत्र के जनसम्पर्क विभाग के एजीएम सुबीर दरिपा ने बताया कि ब्लास्ट फर्नेस—2 ने 24 मई, 2011 को 2242 टन हॉट मेटल का उत्पादन कर सर्वश्रेष्ठ दैनिक रिकॉर्ड बनाया था. इससे पहले अक्टूबर 2010 में 57,516 टन हॉट मेटल का उत्पादन कर बेस्ट मासिक कीर्तिमान दर्ज किया. वहीं सर्वश्रेष्ठ वार्षिक कीर्तिमान के तहत वर्ष 2004-05 में 6,31,265 टन हॉट मेटल का उत्पादन किया.

57 वर्षों के उत्पादन काल में 4 ऐसे भी मौके आये जब मांग में कमी की वजह से ब्लास्ट फर्नेस—2 को तात्कालिक तौर पर बंदकर रिजर्व में रखा गया था. सबसे 490 दिनों के लिये 27 नवम्बर, 2000 से 31 मार्च, 2002 तक, दूसरी बार 365 दिनों के लिए 01 अपै्रल, 2002 से 31 मार्च, 2003 तक, तीसरी बार 276 दिनों के लिए 01 अप्रैल, 2003 से 02 जनवरी, 2004 तक और चौथी और अंतिम बार 203 दिनों के लिये 30 नवम्बर, 2008 से 20 जून, 2009 तक बंद किया गया था.
First published: October 13, 2017
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