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लगातार किसी को नहीं जिताता है मिनी इंडिया, इस बार कद्दावर मंत्री को युवा ने दी है टक्कर
Durg News in Hindi

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 1:05 PM IST
लगातार किसी को नहीं जिताता है मिनी इंडिया, इस बार कद्दावर मंत्री को युवा ने दी है टक्कर
प्रेम प्रकाश पांडेय.

छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भिलाई नगर सीट उन चुनिंदा हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है, जिसके परिणाम पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं.

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  • Last Updated: December 6, 2018, 1:05 PM IST
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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब सबकी निगाहें 11 दिसंबर को आने वाले चुनाव के परिणाम पर टिकी हैं. ऐसे में कुछ सीटों और प्रत्याशियों को लेकर संयोग व मिथक की भी चर्चाएं जोरों पर हैं. ऐसा ही एक मिथक मिनी इंडिया कहे जाने वाले भिलाई को लेकर भी है. पहले भिलाई और साल 2008 में परिसीमन के बाद भिलाई नगर सीट को लेकर संयोग की कहें तो साल 2013 के विधानसभा चुनाव तक यहां की जनता ने किसी भी विधायक को लगातार दोबारा मौका नहीं दिया.

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भिलाई नगर सीट उन चुनिंदा हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है, जिसके परिणाम पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं. इस सीट से भाजपा के कद्दावर नेता और रमन कैबिनेट में मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय भाजपा प्रत्याशी हैं. कांग्रेस ने इस सीट से युवा चेहरा व भिलाई नगर निगम के महापौर देवेन्द्र यादव को मैदान में उतारा. जीत को लेकर दोनों के बीच कड़ी टक्कर बताई जा रही है. इस सीट से किसी की भी जीत को लेकर कोई आश्वस्त नहीं है.

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इस सीट की तासीर की बात करें तो यहां साल 1993 के विधानसभा चुनाव के बाद साल 2013 के विधानसभा चुनाव तक कोई भी विधायक लगातार दूसरी बार नहीं जीत सका. यहां पिछले 20 सालों से भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी नहीं बदले थे. 1993 से 2013 तक जितने भी विधानसभा चुनाव हुए, उसमें भाजपा की ओर से प्रेम प्रकाश पांडेय तो कांग्रेस की ओर से बदरूद्दीन कुरैशी प्रत्याशी रहे.

साल 1993 के चुनाव में महज 500 वोटों से जीतने वाले प्रेम प्रकाश पांडेय को 1998 के चुनाव में हार मिली. इसके बाद साल 2013 में प्रेम प्रकाश पांडेय फिर से जीते, लेकिन साल 2008 के चुनाव में बदरूद्दीन कुरैशी ने उन्हें फिर से हरा दिया. इसके बाद साल 2013 के विधानसभा चुनाव में प्रेम प्रकाश पांडेय फिर से जीत गए.

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भिलाई नगर से कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र यादव.

इस बार साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बदला है. देवेन्द्र यादव कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. युवाओं में गहरी पैठ रखने वाले देवेन्द्र ने चुनाव में प्रेम प्रकाश को कड़ी टक्कर दी है. फैसले का इंतजार किया जा रहा है. इस बार वोटिंग भी पिछले चुनाव से करीब चार फीसदी अधिक 66.96 फीसदी वोटिंग हुई है.

जानिए, कौन हैं प्रेम प्रकाश पांडेय
भाजपा के कद्दावर नेता प्रेम प्रकाश पांडेय ने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है. 80 के दशक में छात्र नेता रहे प्रेम प्रकाश पांडेय साल 1990 में पहली बार कांग्रेस के दिग्गज नेता रवि आर्या को हराकर विधायक बने. इसके बाद साल 1993 में दोबारा जीत के बाद वे मध्यप्रदेश शासनकाल में मंत्री रहे. इसके बाद साल 2013 में छत्तीसगढ़ सरकार में वे विधानसभा अध्यक्ष रहे. साल 2013 में जीत के बाद उन्हें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, राजस्व मंत्री सहित छत्तीसगढ़ सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं.

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First published: November 27, 2018, 1:59 PM IST
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