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पंचायत चुनाव: वोटर्स को वश में करने तंत्र-मंत्र का प्रयोग, दरवाजों पर लटके मिले नींबू-मिर्च!

निलेश त्रिपाठी | News18 Chhattisgarh
Updated: February 4, 2020, 2:34 PM IST
पंचायत चुनाव: वोटर्स को वश में करने तंत्र-मंत्र का प्रयोग, दरवाजों पर लटके मिले नींबू-मिर्च!
दुर्ग जिले के पहरा गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि एक प्रत्याशी ने उन्हें अपने वश में करने के लिए तंत्र क्रिया का प्रयोग किया. सांकेतिक फोटो.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के तीसरे व अंतिम चरण में 3 फरवरी को मतदान (Voting) हुए.

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दुर्ग. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के तीसरे व अंतिम चरण में 3 फरवरी को मतदान (Voting) हुए. पंचायत चुनाव के दौरान इस मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाए गए. मतदाताओं को अपने वश में करने के लिए तंत्र मंत्र का प्रयोग करने के भी आरोप लगे हैं. मामला दुर्ग जिले के नंदिनी पुलिस थाना क्षेत्र के पहरा गांव का है. यहां ग्रामीणों ने दूसरे गांव से आए दो व्यक्तियों की जमकर पिटाई कर दी. इतना ही नहीं उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी पुलिस से करने लगे.

दुर्ग (Durg) जिले के पहरा (Pahara) गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि एक प्रत्याशी ने उन्हें अपने वश में करने के लिए तंत्र क्रिया का प्रयोग किया. इसके लिए उसने दूसरे गांव से तांत्रिकों को बुलाया था. तांत्रिकों ने गांव में कई घरों के दरवाजे पर तंत्र क्रिया कर नींबू मिर्च लटका दिए. तंत्र क्रिया करते ही दो लोगों को पकड़ा गया. गांव के लोगों ने ही उनकी पिटाई की और जबरन अपने पास बैठा लिया. 3 फरवरी को मतदान के दौरान ही गांव में प्रत्याशी द्वारा तंत्र क्रिया कराने को लेकर हंगामा हुआ.

Chhattisgarh
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नींबू काटकर फेंके गए.


पुलिस को नहीं बताया नाम

नंदिनी थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने न्यूज 18 को बताया कि हंगामे की सूचना के बाद पुलिस की टीम पहरा गांव पहुंची. वहां के ग्रामीणों ने बेरला थाना क्षेत्र के तिरदा गांव के भानुप्रताप यादव और बोढ़डीह गांव के उसके साथी गणेश निषाद की पिटाई कर दी थी. ग्रामीणों का आरोप था कि ये दोनों एक प्रत्याशी के पक्ष में वोट डलवाने के लिए गांव में तंत्र क्रिया कर रहे थे. पुलिस ने दोनों के बारे में पता करवाया तो मालूम हुआ कि भानुप्रताम झोलाछाप डॉक्टर है. ग्रामीणों से जब पूछा गया कि वे किस प्रत्याशी पर शक कर रहे हैं तो उन्होंने खुलकर किसी का नाम नहीं लिया. भानुप्रताम व गणेश से भी पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे इस गांव में अपनी मर्जी से आए थे और वहां से आगे जा रहे थे कि ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया.

जिसपर शक वो हार गया चुनाव
थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि गांव में कुछ जगह कटे नींबू और घरों में नींबू मिर्च टांगने की शिकायत की गई थी, लेकिन नींबू काटकर किसने फेंके और किसनें दरवाजों पर नींबू मिर्च टांगा, इसका कोई प्रमाण नहीं था. इसलिए भानुप्रताप और गणेश से पूछताछा के बाद उन्हें छोड़ दिया गया. ग्रामीण इन दोनों को लेकर एक प्रत्याशी के घर के बाहर धरने पर बैठ गए थे. आशंका जताई जा रही थी कि इसी प्रत्याशी ने तंत्र क्रिया करवाई है, लेकिन चुनाव परिणाम घोषित होने पर पता चला कि वो चुनाव हार गया है.ये भी पढ़ें:
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First published: February 4, 2020, 2:34 PM IST
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