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Chhattisgarh Nikay Chunav: भिलाई निगम में चुनावी सरगर्मी तेज, जानें मुद्दे और राजनीतिक समीकरण

Chhattisgarh Nikay Chunav: भिलाई निगम में चुनावी सरगर्मी तेज, जानें मुद्दे और राजनीतिक समीकरण

दिग्गजों के गढ़ माने जाने वाले दुर्ग जिले के 4 निकायों में होने वाले चुनाव के लिए शंखनाद हो चुका है.....

दिग्गजों के गढ़ माने जाने वाले दुर्ग जिले के 4 निकायों में होने वाले चुनाव के लिए शंखनाद हो चुका है.....

Chhattisgarh Urban Body Polls 2021: भिलाई निगम को अपने कब्जे में करने के लिए भाजप-कांग्रेस जी तोड़ कोशिश कर रही है. संपूर्ण विश्व में भिलाई की अपनी एक अलग पहचान है. एक ओर विश्व प्रसिद्ध प्लांट है तो दूसरी ओर भारत में प्रसिद्ध मैत्री बाग शहीद उद्यान जैसे स्थल है, जो भिलाई का गौरव बढ़ाते हैं. भिलाई नगर निगम की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी. क्षेत्र में पानी बड़ा मुददा रहा है.

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भिलाई. दिग्गजों के गढ़ माने जाने वाले दुर्ग जिले के 4 निकायों में होने वाले चुनाव  (Chhattisgarh urban body elections 2021) के लिए शंखनाद हो चुका है. इस चुनावी शंखनाद के बाद सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले भिलाई निगम में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है. राजनीतिक लिहाज से भिलाई को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में भिलाई निगम को अपने कब्जे में करने के लिए भाजपा कांग्रेस जी तोड़ कोशिश कर रही है.  बता दें कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 10 जिलों के 15 नगरीय निकायों में चुनाव होने वाले हैं. 20 दिसंबर को वोटिंग और 23 दिसंबर को मतगणना होगी. इस साल भी निकाय चुनाव बैलेट पेपर से ही होंगे.

भिलाई की राजनीति

संपूर्ण विश्व में भिलाई की अपनी एक अलग पहचान है. एक ओर विश्व प्रसिद्ध प्लांट है तो दूसरी ओर भारत में प्रसिद्ध मैत्री बाग शहीद उद्यान जैसे स्थल है, जो भिलाई का गौरव बढ़ाते हैं. भिलाई नगर निगम की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी. निगम बनते ही पहली महापौर के रूप में नीता लोधी ने शहर की कामान संभाली. नीता लोधी ने सबसे कम उम्र का महापौर बनने का गौरव भी प्राप्त किया. उसके बाद सिर्फ एक बार भिलाई निगम की कमान भाजपा के महापौर रहे विदयारतन भसीन को मिली. इसके बाद कांग्रेस की निर्मला यादव और फिर अंत तक कांग्रेस के ही देवेंद्र यादव ने शहर की कमान संभाली. यदि भिलाई निगम की बात की जाए तो यह दो भागों में विभाजित माना जाता है. एक ओर भिलाई टाउनशिप का क्षेत्र है तो दूसरी ओर का ईलाका पटरीपार का इलाका कहलाता है, जहां कई प्राइवेट कॉलोनियों के साथ साथ औद्योगिकक्षेत्र, बड़ा ट्रांसपोर्ट नगर और स्लम क्षेत्र आता है.

भिलाई निगम की वर्तमान में कुल जनसंख्या 6 लाख 83 हजार 394 है. जिसमें 300797 महिला, 307579 पुरूष, और अन्य 18 शामिल है. वहीं मतदाताओं की बात की जाए तो भिलाई में दावा आपत्ति होने के बाद अब कुल मतदाताओं की संख्या 4 लाख 76 हजार 624 है. जिसमें महिला – 201534 पुरुष 7206078 और अन्य -12 शामिल है. प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता आने के बाद भिलाई नगर निगम के 20 वार्डों को अलग कर रिसाली नगर निगम की स्थापना हुई है. कुल 70 वार्डो वाले भिलाई में परिसीमन के बाद भी 70 वार्ड ही है. भिलाई नगर निगम में वर्तमान मे कुल मतदान केंद्रों की संख्या 463 है.

भिलाई नगर निगम के मुद्दे

क्षेत्र में पानी बड़ा मुददा रहा है. कई वार्डोे में पानी के प्रेशर की समस्या रही. कई वार्डों तक पानी नही पहुंचा. -पिछले डेढ़ वर्षों में भिलाई टाउनशिप में गंदा पानी सप्लाई होने की समस्या बनी हुई है. आज भी लोगों को गंदा पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है. इससे भाजपा-कांग्रेस दोनों से ही लोग नाराज है.

आज भी हालात जस के तस है

भिलाई निगम के आर्थिक हालात अच्छे नहीं है. स्टॉफ की सेलरी ही देना मुश्किल होता है. वहीं निगम के ठेकेदारों को अपने करीब 34 करोड़ के भुगतान को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा. लेकिन अभी भी स्थिति सामान्य नही हो पाई है.  भिलाई निगम द्वारा संचालित बस सेवा पिछले 2 वर्षो से बंद है. इससे एक ओर शासन के करोड़ों रुपये बर्बाद हुए हैं तो दूसरी ओर लोगों को सेवाओं  का लाभ नही मिल पा रहा है.  सफाई के लिए भिलाई निगम को राष्टीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया है लेकिन आज भी शहर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है जिससे लोग परेशान है.

भिलाई निगम के द्वारा आर्थिक समस्याओं के कारण बिजली बिल का भुगतान 20 महिने से नहीं किया गया है. अब जब चुनावी शंखनाद हो गया है ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों के लोग अपनी अपनी तैयारियों मे जुटे हुए हैं.  कांग्रेस एक ओर 3 सालों में कराए गए विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच पहुंचने का दावा कर रही है तो वहीं भाजपा कांग्रेस की विफलताएं गिनाकर चुनाव जीतने का दावा कर रही है.

वहीं यहां के लोगों को कहना है कि जो शहर का और जो वार्ड का विकास करेगा वो ही उनका जनप्रतिनिधि होगा फिर चाहे वो किसी भी दल से ताल्लुख रखता हो.

बहरहाल अब आगामी 20 दिसंबर को अपने मतों का प्रयोग कर फैसला आम जनता को करना है. देखना होगा कि दिग्गजों के गढ़ माने जाने वाले कांग्रेस के दुर्ग में भाजपा क्या सेंधमारी करने में कामयाब होती है या फिर कांग्रेस का किला भिलाई में यथावत रहता है.

Tags: Chhattisgarh news, Chhattisgarh news live, Durg news

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