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ग्लैंडर से पीड़ित घोड़ी को दिया गया मौत का इंजेक्शन, संक्रमण का खतरा अब भी बरकरार
Durg News in Hindi

Mithilesh Thakur | News18 Chhattisgarh
Updated: June 28, 2019, 8:40 AM IST
ग्लैंडर से पीड़ित घोड़ी को दिया गया मौत का इंजेक्शन, संक्रमण का खतरा अब भी बरकरार
ग्लैंडर से पीड़ित घोड़ी को दिया गया मौत का इंजेक्शन

वर्तमान में जिस घोड़ी को प्रशासन ने इंजेक्शन देकर मौत दी उसे ग्लेण्डर होने की पुष्टि 15 दिन पहले हो चुकी थी. लेकिन 15 दिनों तक वो घोड़ी सघन बस्ती के बीच अपने मालिक के साथ रही.

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग में संक्रामक बीमारी ग्लैंडर से ग्रसित घोड़ी को प्रशासन ने मौत दे दी है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. दुर्ग में पिछले कई महिनों से घोड़ियों के मरने का सिलसिला जारी है. वर्तमान में जिस घोड़ी को प्रशासन ने इंजेक्शन देकर मौत दी उसे ग्लेण्डर होने की पुष्टि 15 दिन पहले हो चुकी थी. लेकिन 15 दिनों तक वो घोड़ी सघन बस्ती के बीच अपने मालिक के साथ रही.

घोड़ों में होने वाली सबसे खतरनाक बीमारी है ग्लैंडर

प्रशासन ने भले ही उसे मौत दे दी गई हो लेकिन उसके निशान अब भी बाकी है. बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम इस मामले में गंभीरता से कार्य नहीं कर रहा है. शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में घोड़े आवारा घूम रहे है. गौरतलब है कि दुर्ग में करीब 25 घोड़े हैं लेकिन इनकी जांच अब तक नहीं की गई है. घोड़ों में होने वाली बीमारीयों में सबसे खतरनाक ग्लैंडर है. यह एक संक्रामक बीमारी जो सांस के माध्यम से बहुत तेजी से फैलती है. इसके वायरस इंसान को भी प्रभावित करते हैं.

ग्लैंडर को लेकर प्रशासन अब भी लापरवाह

जिस क्षेत्र में घोड़ी रही उसके पास ही तालाब है, जहां उसका मल-मूत्र जा रहा था. उस तालाब की ओर भी प्रशासन का ध्यान नहीं है. वहीं दूसरी ओर प्रशासन अब तक यह तक पता नहीं लगा पायी कि बीमारी से ग्रसित घोड़ी कहां-कहां गई थी. ग्लैंडर का पता लगने के पहले से भी वो घोड़ी बीमार थी. बहरहाल ग्लैंडर बीमारी से ग्रसित धोड़ी को मौत दे देना ही आखिरी विकल्प नहीं है. प्रशासन को इस मामले में और भी गंभीरता से काम करने आवश्यकता है.

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First published: June 28, 2019, 8:40 AM IST
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