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यहां पशु सिखा रहे हैं अनुशासन की पाठशाला !

Mithilesh Thakur | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 12:35 PM IST
यहां पशु सिखा रहे हैं अनुशासन की पाठशाला !
यहां पशु सिखा रहे हैं अनुशासन की पाठशाला !
Mithilesh Thakur | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 12:35 PM IST
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अनुशासन की एक ऐसी पाठशाला है, जिसे देख हर कोई दंग रह जाएगा. दरअसल, यहां कोई इंसान नहीं बल्कि पशु शिक्षक बनकर लोगों को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं.

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, जिले की यह एक ऐसी पाठशाला है, जहां बगैर शिक्षक हर कोई अनुशासन में रहता है. इसमें सबसे खास बात यह है कि यहां अनुशासन में कोई इंसान नहीं बल्कि सैकड़ों की संख्या में मौजूद पशु रहते हैं. यहां नाम पुकारने वाले एक आदमी के अलावा कोई शिक्षक नहीं है. फिर भी बछड़े पूरे अनुशासन के साथ भीड़ से निकलते हुए अपनी मां से मिलने पहुंच जाते हैं.

वेटनरी कॉलेज अंजोरा के डीन डाॅ. एस. पी. तिवारी का कहना है कि इन्हें अनुशासन सिखाने वाला और रोकने टोकने वाला कोई नहीं है. बावजूद इसके ये पूरी तरह अपने नियमों का पालन करते हैं. ये हैरतनुमा कारनामा दुर्ग के पशु प्रजनन प्रक्षेत्र अंजोरा में देखा जा सकता है. यहां वर्षों से गायों को इसी तरह से अनुशासन का पाठ पढ़ाया जा रहा है.

वहीं वेटनरी कॉलेज अंजोरा के विभाग प्रभारी डाॅ. बिंदेश्वरी सिरमौर ने कहा कि इस स्थल पर सैकड़ों की संख्या में गायों को रखा गया है. नियमों के आधार पर गाय और बछड़ों को रखने के अलग अलग स्थान हैं और सभी की नंबरिंग की गई है.

गाय और बछड़ों को उनके नंबर ऐसे रटे हुए हैं, जैसे कि उनके नाम हों. जब भी बछड़ों को नंबर के आधार पर पुकारा जाता है तो सैकड़ों की संख्या में से निकलकर एक बछड़ा अपनी मां से मिलने के लिए पहुंच जाता है.

केयरटेकर एवं प्रशिक्षक  रिषी कुमार यादव की मानें तो पशु प्रजनन प्रक्षेत्र अंजोरा दुर्ग में वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है. कई गायों को यहां लाया गया और कई के यहां से स्थान बदल दिए गए, लेकिन जो भी गाय यहां आईं वो अनुशासन में पूरी तरह से ढल गई.

कई मायनों में इस जगह ने पूरे देश में अपनी पहचान बनाई है. अनुशासन के लिए जहां एक ओर इसकी मिसाल दी जाती है, तो वहीं यहां साहिवाल नस्ल की गायों की प्रमुखता है और उनका प्रजनन भी किया जाता है.

गौरतलब है कि आज के समय में जहां लोग अनुशासन भूलते जा रहे हैं वहीं ये पशु लोगों को अनुशासन में रहने की याद दिला रहे हैं. हालांकि पशुओं को इस तरह अनुशासन में रहते देख लोग भी अचंभित हैं.
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