नारायणपुर में माओवादियों ने फेंके पर्चे, 6 मार्च हुए हमले की जिम्मेदारी ली

माओवादियों ने पर्चों के माध्यम से कहा है कि अमदई घाट को बचाने, माड़ नदी को प्रदूषित होने से रोकने और झूठी मुठभेड़ के विरोध में यह हमला किया गया था.

माओवादियों ने पर्चों के माध्यम से कहा है कि अमदई घाट को बचाने, माड़ नदी को प्रदूषित होने से रोकने और झूठी मुठभेड़ के विरोध में यह हमला किया गया था.

माओवादियों ने पर्चों के माध्यम से कहा है कि अमदई घाट को बचाने, माड़ नदी को प्रदूषित होने से रोकने और झूठी मुठभेड़ के विरोध में यह हमला किया गया था.

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छत्तीसगढ़ में नारायणपुर के बाकुलवाही मार्ग पर माओवादियों ने पर्चे फेंके हैं.



मिली जानकारी के मुताबिक पर्चे माओवादियों के माड़ डिविजनल कमेटी द्वारा फेंके गए हैं. पर्चों में माओवादियों ने बीते 6 मार्च को अमदई घाट में हुए माओवादी हमले की जिम्मेदारी ली है.



गौरतलब है कि यह हमला माओवादियों के पीएलजीए की टीम द्वारा किया गया था. वहीं माओवादियों ने सुरक्षा बलों के पास से एक इन्सास रायफल भी लूटने की बात कबूली है.





माओवादियों ने पर्चों के माध्यम से कहा है कि अमदई घाट को बचाने, माड़ नदी को प्रदूषित होने से रोकने और झूठी मुठभेड़ के विरोध में यह हमला किया गया था.
साथ ही माओवादी हमले में बीते 6 मार्च को 2 जवानों के घायल होने तथा 2 निक्को कंपनी के सुरवाइजरों की मौत की जिम्मेदारी भी माओवादियों ने ली है.
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