छत्तीसगढ़ के इस मुक्केबाज ने लिखी है अनुराग की ‘मुक्काबाज’

12 जनवरी शुक्रवार को रिलीज हुई अनुराग कश्यप की फिल्म ‘मुक्काबाज’ की प्रेरणा छत्तीसगढ़ का भिलाई है.

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: January 12, 2018, 11:03 AM IST
छत्तीसगढ़ के इस मुक्केबाज ने लिखी है अनुराग की ‘मुक्काबाज’
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निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: January 12, 2018, 11:03 AM IST
12 जनवरी शुक्रवार को रिलीज हुई अनुराग कश्यप की फिल्म ‘मुक्काबाज’ की प्रेरणा छत्तीसगढ़ का भिलाई है. इसकी स्क्रिप्ट लिखने वाली टीम का हिस्सा भिलाई के एक पूर्व मुक्केबाज और चर्चित फिल्म ‘बॉलीवुड डायरीज’ के निर्देशक केडी सत्यम हैं. सत्यम ने ही इस फिल्म की स्टोरी की चर्चा अनुराग कश्यप से सबसे पहले की थी.

सत्यम मूलत: भिलाई में ही पले-बढ़े हैं, इसलिए उन्होंने इस फिल्म का आधार भिलाई जैसे शहर के खेल जगत की अंदरूनी कहानियों को लिया है. हालांकि अनुराग कश्यप ने पूरी फिल्म के परिवेश में छत्तीसगढ़ को कहीं नहीं छुआ है. फिर भी सत्यम का दावा है कि फिल्म देखने वाले भिलाई के लोग समझ जाएंगे कि दो दशक पहले भिलाई में खेल जगत का माहौल कुछ ऐसा ही था.

अनुराग कश्यप की फिल्म ‘मुक्काबाज’ बीते साल से चर्चा में है.
यह फिल्म अंग्रेजी में ‘द ब्राउलर’ नाम से टोरंटो फिल्म फेस्टिवल और मुंबई फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की जा चुकी है. यह फिल्म राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोर चुकी है. अब मूल हिंदी फिल्म आज रिलीज हो गई है.

फिल्म की कहानी लिखने वाली टीम में अनुराग कश्यप, विनीत कुमार सिंह, मुक्ति सिंह श्रीनेत, रंजन चंदेल और प्रसून मिश्रा के साथ केडी सत्यम प्रमुख रूप से शामिल हैं. वहीं मुख्य किरदारों में विनीत कुमार सिंह, जोया हुसैन, रवि किशन और जिमी शेरगिल हैं.

स्क्रिप्ट राइटर केडी सत्यम.


जैसा कि सत्यम ने न्यूज 18 हिंदी को बताया
मुक्काबाज के बारे में केडी सत्यम ने बताया कि चूंकि वह भिलाई में पले-बढ़े हैं, इसलिए अपने शहर की शिक्षा और खेल की गतिविधियों को उन्होंने बेहद करीब से देखा है. सत्यम ने बताया कि स्कूल के दिनों में मैं रोजाना सेक्टर-2 बाक्सिंग क्लब में जाता था. वहां जो कुछ घटता था, वो सब मेरे जहन में है. इसलिए अनुराग ने जब ‘मुक्काबाज’ लिखने का आॅफर दिया तो भिलाई में बॉक्सिंग क्लब और दूसरे सारे खेलों से जुड़े अंदरूनी किस्से भी याद आने लगे. उस दौर में भिलाई स्टील प्लांट में खेल कोटे से भर्ती के लिए क्या कुछ होता था, यह उन्होंने करीब से देखा है.
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फिल्म में वाराणसी शहर को दर्शाया
सत्यम का कहना है कि फिल्म का आधार उन्होंने भिलाई की खेल गतिविधियों को लिया था, लेकिन परदे पर फिल्म में परिवेश उत्तर प्रदेश के वाराणसी व एक अन्य शहर का दिखाया गया है. इसलिए भिलाई के दर्शक सिर्फ समझ सकते हैं कि उनके शहर में भी ऐसा होता था. सत्यम का कहना है कि उन्होंने फिल्म की कहानी में खेल जगत की सच्चाई बयां करने की कोशिश की है. इसलिए हर खेल प्रेमी को यह फिल्म पसंद आएगी.

'बालीवुड डायरीज’ से चर्चा में आए थे सत्‍यम
भिलाई में पले-बढ़े केडी सत्यम ने फिल्म ‘गट्टू’ से बड़े परदे पर अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 2015 में उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘बालीवुड डायरीज’ का निर्माण किया. जिसके लिए अभिनेता आशीष विद्यार्थी सहित अपनी टीम को लेकर सत्यम भिलाई आए थे और यहां फिल्म का एक हिस्सा शूट किया था. इसके बाद सत्यम अनुराग कश्यप की टीम से जुड़े.
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