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एक नाबालिग को फांसी देने की मांग क्यों कर रहा है 'मिनी इंडिया'?

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: June 19, 2019, 2:06 PM IST
एक नाबालिग को फांसी देने की मांग क्यों कर रहा है 'मिनी इंडिया'?
भिलाई की होनहार नाबालिग छात्रा श्रृंखला यादव पर 13 जून 2019 को जानलेवा हमला हुआ.

छत्तीसगढ़ का मिनी इंडिया कहा जाने वाला भिलाई के सिविक सेंटर में सैकड़ों की संख्या में रैली निकाले लोग कानून व्यवस्था हाय हाय..हत्यारे को फांसी दो..न्याय दो.. का नारा लगाते नजर आए.

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छत्तीसगढ़ का मिनी इंडिया कहा जाने वाला भिलाई के रिसाली स्थिति मैत्रीकुंज में इन दिनों यादव जी के घर का पता कोई भी सरलता से बता देगा, लेकिन पता बताते उसके चेहरे पर मायूसी और जुबान पर नाबालिग आपचारी को फांसी की सजा देने की मांग जरूर होगी. प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र वाली इस कॉलोनी में यादव जी के घर इस समय लोगों का जमावड़ा समान्य है. पुलिस और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का आना जाना भी लगा रहता है.

भिलाई के सिविक सेंटर में 17 जून की शाम को सैकड़ों की संख्या में रैली निकाले लोग कानून व्यवस्था हाय हाय..हत्यारे को फांसी दो..न्याय दो.. का नारा लगाते नजर आए. इसके बाद अर्जुन रथ के पास लोगों ने मोमबत्तियां भी जलाईं. इस रैली में आम लोगों के साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और पुलिस के लोग भी शामिल हुए. इस तरह की रैली और कैंडल मार्च, पुतला दहन पिछले चार दिनों से भिलाई व दुर्ग में समान्यतौर पर देखने को मिल रहा है. हर रैली व प्रदर्शन में शामिल जनता एक नाबालिग को फांसी देने की मांग कर रही है.

दुर्ग के पटेल चौक पर युवाओं ने आरोपी का पुतला फांसी पर लटका दिया.


क्यों हो रही है फांसी की मांग

भिलाई के रिसाली मैत्रीकुंज की होनहार नाबालिग छात्रा श्रृंखला यादव पर 13 जून 2019 को जानलेवा हमला हुआ. गंभीर हालत में उसे रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 15 जून को उसकी मौत हो गई. इस मामले में एक नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस को दिए बयान में गिरफ्तार नाबालिग ने बताया कि 13 जून को करीब 3.30 बजे रिसाली के मिट्टी परीक्षण केंद्र के पास गांधीपुरम में एक मकान से पहले वो श्रृंखला की स्कूटी के आगे खड़ा हो गया.

मृतका के घर पहुंचे भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव.


इस पर श्रृंखला ने बेवजह परेशान करने के बारे में पूछा और स्कूटी की ओर जाने लगी. फिर उसने अपनी स्कूटी की डिग्गी में रखी कुदाल से श्रृंखला के सिर के पिछले हिस्से पर वार कर दिया. इस पर पूरे घटनाक्रम को एक्सीडेंट का रूप देने के लिए उसने बीच सड़क पर खड़ी स्कूटी को चलाकर मैदान में लाया और उसे भी वहीं पटक दिया. जबकि कुदाल को एक घर के सामने पेड़-पौधों के बीच पड़ी लकड़ियों में फेंक दिया.
मृतका श्रृंखला यादव को श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस वालों ने भी भिलाई के सिविक सेंटर में कैंडल जलाई.


क्या कहती है पुलिस की थ्योरी
भिलाई के नेवई थाना प्रभारी और मामले में जांच अधिकारी गौरव तिवारी ने बताया कि नाबालिग को धारा 302 (हत्या) और धारा 201 (साक्ष्य छुपाने) के आरोप में गिरफ्तार कर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है. अपराध से जुड़े सभी साक्ष्य पुलिस ने जुटा लिए हैं. नाबालिग ने पुलिस को बताया कि श्रृंखला को 8वीं कक्षा में स्कूल में ही देखा. उसके बाद से एक तरफा प्यार का पागलपन उसपर सवार हो गया. इसी बीच आरोपी ने छात्रा को अपने प्रभाव में लेने की काफी कोशिश की, लेकिन पढ़ाई में शुरू से होनहार रही छात्रा ने कभी ध्यान नहीं दिया.

पुलिस के मुताबिक 10वीं की पढ़ाई के दौरान नाबालिग की हरकतें बढ़ गई तो परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से भी शिकायत की. इस पर उसकी काउंसलिंग भी कराई गई. हरकतों से बाज न आने पर और पढ़ाई में भी फिसड़्डी साबित होने की वजह से पिछले साल सितंबर में स्कूल प्रबंधन ने उसे टीसी थमा दी. इस बात से ही वो छात्रा से नाराज था और घटना से पहले 15 दिन तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखे था. इसके बाद 13 जून को उसने मौका देखकर उसपर हमला कर दिया.

श्रद्धांजलि के लिए कैंडल जलाते युवा.


इतना शातिर मासूम कैसे हो सकता है?
मायूस बैठी मृतका श्रृखंला की मां ममता यादव सिसकती हुई कहती हैं 'लोग कह रहे हैं कि मेरी बेटी का हत्यारा नाबालिग है. इसलिए उसे कम सजा मिलेगी. लेकिन उसने तो सोची समझी साजिश के तहत मेरी बेटी को मारा. फिर उसे 100 मीटर तक घसीटा, लोग कहते हैं कि कोई देख न ले, इसलिए वो मेरी तड़पती बेटी के ऊपर सो भी गया. उसे एक दीवार और स्कूटी के बीच में खुले मैदान के बीच छोड़ दिया. घटना के बाद हमारे मोहल्ले में घूमता रहा. पुलिस की हर हरकत पर नजर रखे था. अपने जुर्म को छिपाने की उसने हर कोशिश की. ऐसा शातिर मासूम कैसे हो सकता है?'

मृतका को श्रद्धांजलि दी गई.


'हत्यारे का कोई नाम तक नहीं ले रहा'
मृतका श्रृंखला के पिता एके यादव कहते हैं कि 'मीडिया में घटना की पूरी रिपोर्टिंग हो रही है, लेकिन जिसने गलत किया, उस हत्यारे का कोई नाम तक नहीं ले रहा है. कहते हैं कानून की बाध्यता है. ऐसे कानून को क्यों नहीं बदला जा रहा है. कुछ दिन में तो हत्यारा बालिग हो जाएगा. सिसकते हुए एके यादव कहते हैं कि मेरी बेटी ने क्या गलत किया था, जो उसकी इस तरह से निर्मम हत्या कर दी. ऐसे हत्यारे को तो फांसी ही मिलनी चाहिए.'

आरोपी को फांसी की सजा की मांग को लेकर भिलाई में निकली रैली.


..तो बच्चियां निकलना ही छोड़ दें
मृतका श्रृंखला यादव की स्कूटी मोहल्ले के ही विजयालक्ष्मी सिंह के घर रखी हुई है. विजयालक्ष्मी कहती हैं कि 'घटना के दिन जब श्रृखंला के घर में लोगों की भीड़ लगी थी, तब आरोपी नाबालिग उनके घर के पास ही खड़े होकर सबको देख रहा था. मैंने खुद देखा. घटना के बाद से ही मोहल्ले में दहशत फैली है. क्या करें बच्चियां घर से निकलना ही छोड़ दें.' मोहल्ले की ही प्रीति उपवल कहती हैं- 'यदि नाबालिग होने का हवाला देकर उसे छोड़ दिया गया तो दूसरों में भी इसी तरह की वारदात करने का हौसला आएगा. इसलिए उसे फांसी ही देनी चाहिए.'

Demo Pic.


क्या कहता है कानून?
छत्तीसगढ़ स्टेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर चंदेल बताते हैं- 'भारत के कानून के अनुसार बालिग होने से कुछ घंटे पहले भी कोई अपराध करता है तो उसे नाबालिग की श्रेणी में ही रखा जाएगा. किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2000 मुताबिक यदि कोई बच्चा कानून तोड़ता है, चाहे वह किसी भी तरह का अपराध हो, उसे ज्यादा से ज्यादा तीन साल के लिए बाल सुधार गृह में रखा जा सकता है. बच्चे को तीन साल से ज्यादा की सजा किसी भी हालत में नहीं दी जा सकती, न ही उसपर किसी वयस्क की तरह मुकदमा चलाकर वयस्कों की जेल में भेजा सकता है.'

दुर्ग अधिवक्ता संघ के सचिव रविशंकर सिंह कहते हैं- 'अप्रैल 2015 में लोकसभा और दिसंबर 2015 राज्यसभा में जुवेनाइल जस्टिस बिल पास हो चुका है, लेकिन अब तक इसे कानून में नहीं लाया गया है. यदि ये एक्ट प्रभावि होता तो 16 साल से 18 साल के बीच की उम्र वाले नाबालिग को जघन्य अपराधों में सख्ती का प्रावधान है, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हो सकता.'

आरोपी को फांसी की सजा की मांग को लेकर भिलाई में निकली रैली.


19 जून को बालिग हो जाएगा नाबालिग
पुलिस की मानें तो वारदात को अंजाम देने वाल 17 साल 11 महीने का है. वह 19 जून 2019 को बालिग हो जाएगा. पुलिस ने उसे रिसाली मैदान से गिरफ्तार किया. मृतका के परिवार वालों का आरोप है कि नाबालिग होने का फायदा मिलने की जानकारी उसे थी और इसको ध्यान में रखकर ही उसने साजिशन उनकी बेटी पर हमला बालिग होने से पांच दिन पहले किया.

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First published: June 18, 2019, 3:37 PM IST
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