लोकसंगीत के माध्यम से 11 वीं कक्षा की छात्रा की पर्यावरण बचाने की अनोखी मुहिम

17 साल की नंदिनी यादव वैसे तो 11 वीं कक्षा की छात्रा हैं, लेकिन गीत संगीत के शौक ने उन्हें एक अलग पहचान भी दी है

Krishna Kumar Saini | News18 Chhattisgarh
Updated: June 11, 2019, 4:11 PM IST
Krishna Kumar Saini
Krishna Kumar Saini | News18 Chhattisgarh
Updated: June 11, 2019, 4:11 PM IST
गरियाबंद जिले के लोहरसी गांव की 17 साल की नंदिनी यादव वैसे तो 11 वीं कक्षा की छात्रा हैं, लेकिन गीत संगीत के शौक ने उन्हें एक अलग पहचान भी दी है. नंदनी अपने गीतों के जरिए एक ऐसे विषय पर जागरूकता फैला रही हैं जिसकी आमतौर पर अनदेखी ही की जाती रही है.

कई बड़े मंचों पर प्रस्तुति दे चुकी है नंदिनी

भीषण गर्मी के इस मौसम में जंगलों में लगने वाली आग एक बड़ी समस्या है. इस तरह की घटनाओं के कारण हर साल करोड़ों की हानि होती है और वन्य जीवन को भी काफी नुकसान पहुचता है.
नंदिनी अपने गीतों के माध्यम से लोगों से इस तरह की आग और पर्यावरण को बचाने का संदेश दे रही है. गीत-संगीत के जरिए लोगों को अपनी बात समझाने के लिए नंदिनी को कई बड़े मंचों पर आमंत्रित किया जा चुका है.

नंदिनी को बचपन से ही संगीत में खास रुचि थी. उसने मात्र 6 साल की उम्र से ही संगीत सीखना शुरु कर दिया था. नंदनी को संगीत विरासत में ही मिला है. उसके पिता राजकुमार यादव भी संगीतकार हैं. नंदनी गोकरण मानिकपुरी को अपना गुरु मानती है और भविष्य में भारतीय लोक कला संस्कृति में ही अपना कैरियर बनाना चाहती है.

पर्यावरण प्रदूषण आज देश ही नहीं पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या बना चुका है. गर्मी में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती है, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है और पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ जाता है. नंदनी जिस तरह अपने गीतों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है उसकी ये पहल प्रशंसनीय है.
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