लाइव टीवी

VIDEO: छत्तीसगढ़ की इस पंचक्रोशी पदयात्रा से मिलता है चारधाम यात्रा का फल
Gariaband News in Hindi

Krishna Kumar Saini | News18 Chhattisgarh
Updated: January 14, 2019, 12:21 PM IST

छत्तीसगढ़ में इन दिनों पंचकोशी यात्रा चल रही है. बद्रीनाथ-केदारनाथ चारधाम यात्रा की तरह छत्तीसगढ़ में भी पंचकोशी यात्रा निकाली जाती है.

  • Share this:
छत्तीसगढ़ में इन दिनों पंचकोशी यात्रा चल रही है. बद्रीनाथ-केदारनाथ चारधाम यात्रा की तरह छत्तीसगढ़ में भी पंचकोशी यात्रा निकाली जाती है. इसमें प्रदेश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं. मान्यता है कि जो लोग किसी कारणवश बद्रीनाथ-केदारनाथ की चारधाम यात्रा पर नहीं जा सकते वो लोग इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं. इस यात्रा से भी उतना ही फल प्राप्त होता है. पांच दिन तक चलने वाली इस पंचकोशी पदयात्रा में श्रद्धालु 25 कोश पैदल चलकर 5 पड़ाव में 5 शिवलिंगों की दर्शन करते हैं.

आपको बता दें कि पंचकोशी पदयात्रा का प्रारंभ और समापन राजिम त्रिवेणी संगम के बीचोबीच स्थित कुलेश्वर मंदिर में पूजा पाठ से होता है. पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का पहला पड़ाव पटेवा के पटेश्वरनाथ मंदिर में होता है. इसके बाद चंपेश्वरनाथ, बम्हनेश्वरनाथ, फणेश्वरनाथ और कोपेश्वरनाथ के दर्शन के बाद श्रद्धालु कुलेश्वरनाथ मंदिर पहुंचते हैं.

छत्तीसगढ़ की पंचकोशी पदयात्रा की अहम बात ये है कि ये पदयात्रा 5 शिवलिंगों के दर्शन करने के लिए की जाती है, लेकिन पदयात्रा के दौरान श्रद्धालु भोलेनाथ की बजाय सीताराम के भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते हैं. पदयात्रा हर साल 12 जनवरी से शुरू होती है. पदयात्रा का जिस दिन जिस गांव में पड़ाव होता है, वहां उस दिन मेले जैसा माहौल रहता है.

बहरहाल, मानो तो पत्थर में भगवान है और न मानो तो देवालय भी पत्थर से ज्यादा कुछ नहीं है. इसी श्रद्धा और भक्ति के साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु हर साल इस पंचकोशी यात्रा में शामिल होते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण होने का दावा करते हैं. यही वजह है कि छत्तीसगढ़ को पर्वों और त्योहारों का प्रदेश कहा जाता है.

ये भी पढ़ें:- फर्जी तरीके से टोकन लेकर ओडिशा का धान बिकवा रहे देवभोग के कुछ किसान

ये भी पढ़ें:- यहां कचरा बना लोगों की रोजी रोटी का बड़ा जरिया, शहरवासी भी हुए खुश

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए गरियाबंद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 14, 2019, 12:21 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर