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कांग्रेस की पोस्टर लेडी बल्दीबाई को न्याय का इंतजार, बहू और नवजात की मौत मामले में अटकी है जांच

कांग्रेस की पोस्टर लेडी बल्दीबाई को न्याय का इंतजार, बहू और नवजात की मौत मामले में अटकी है जांच

(File pic)

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस (Congress) की पोस्टर लेडी बल्दीबाई की बहू और नवजात की संदिग्ध मौत के मामले में कुछ कार्रवाई होगी इसको लेकर फिलहाल संशय की स्थिति बरकरार है.

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में कांग्रेस (Congress) की पोस्टर लेडी बल्दीबाई की बहू और नवजात की संदिग्ध मौत के मामले में कुछ कार्रवाई होगी इसको लेकर फिलहाल संशय की स्थिति है. मामले की जांच को लेकर जिला और प्रदेश स्तर पर जांच समितियां गठित की गई थी. निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जांच समितियों अब तक अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकीं. ऐसे में कार्रवाई होगी, इसको लेकर सवाल उठना लाजमी है.

गौरतलब है कि 9 फरवरी को बल्दीबाई की बहू की प्रसव के दौरान नवजात सहित अभनपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गयी थी. परिजनों ने मामले में स्मार्टकार्ड से इलाज नहीं होने और कर्ज लेकर अस्पताल का बिल जमा करने का आरोप लगाया था. मामला मीडिया और राजनीतिक गलियारों में गरमाने के बाद 11 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले में 3 सदस्यीय जांच दल गठित कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था.

जांच टीम गठित, लेकिन कार्रवाई नहीं
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच टीम को 10 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए थे. निर्धारित समय गुजर जाने के बाद भी जांच समिति द्वारा अबतक मामले की रिपोर्ट पेश नहीं की गई. ना ही स्वास्थ्य विभाग मामले में कुछ बोलने को तैयार है. ऐसे में सवाल उठने लाजमी है. मामले में सबसे अहम बात ये है कि सम्बन्धित अस्पताल द्वारा खुद को निर्दोष और विभाग की पॉलिसी को पहले ही कटघरे में खड़ा कर दिया है. ऐसे में विभाग खुद को दोषी साबित करे इसकी संभावना कम ही है.

अस्पताल प्रबंधन ने अपनी सफ़ाई में कहा था कि पीड़िता को प्रसव के लिए रात्रि में भर्ती कराया गया था और कुछ देर बाद इलाज के दौरान ही उसकी और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गयी थी. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि रात्रि काल मे स्मार्टकार्ड बीमा कम्पनी के कर्मचारी ड्यूटी पर नही रहते इसलिए पीड़ित महिला का नाम इलाज के लिए स्मार्टकार्ड योजना में ऑनलाइन दर्ज नही हो सका. अस्पताल प्रबंध ने खुद को बेकसूर बताते हुए पूरा ठिकरा बीमा कंपनी के सिस्टम पर फोड़ दिया हैं. वही तय समयावधि बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नही हो पाना अपने आप मे कई सवाल खड़े करती है.

Tags: Chhattisgarh case, Congress

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