जर्जर स्‍कूल भवन में बच्‍चों की जान जोखिम में

Manmohan Netam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 14, 2017, 1:56 AM IST
जर्जर स्‍कूल भवन में बच्‍चों की जान जोखिम में
स्‍कूल की छत से प्‍लास्‍टर और दीवारों से ईंटें गिर रही हैं.
Manmohan Netam | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 14, 2017, 1:56 AM IST
छत्‍तीसगढ़ में गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक शाला फुलीमुड़ा का भवन इतना जर्जर हो गया है कि बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. बच्चों के अनुसार वे हमेशा डरे-सहमे रहकर पढ़ाई करते हैं. उन्‍हें हमेशा डर लगता रहता है कि कहीं भवन गिर न जाए.

प्राथमिक शाला फुलीमुड़ा की स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी. वर्तमान में इसमें कुल 44 बच्चे अध्‍ययनरत हैं. ये सभी बच्चे डरे-सहमे इस जर्जर भवन में बैठकर शिक्षा का अलख जगा रहे हैं. बारिश के दिनों में तो इस भवन में बैठकर पढ़ाई करना एक चुनौती है. पूरे स्‍कूल भवन में छत से पानी टपकता है. स्कूली बच्चों ने न्‍यूज़18/ईटीवी को बताया कि उन्हें इस भवन में बैठकर पढ़ाई करने में बहुत डर लगता है, लेकिन वे करें भी तो क्या करें. उन्हें पढ़ाई तो करना ही है.

प्राथमिक शाला भवन फुलीमुड़ा जर्जर होने की खबर ब्लॉक के बीईओ, बीआरसी व एसडीएम को भी है. प्रधान पाठक ने इसकी लिखित सूचना भी दे दी है. जब इस मामले में न्‍यूज़18/ईटीवी ने देवभोग बीआरसी डीआर सोरी से बात की तो उन्होंने फंड नहीं होने की बात की. साथ ही यह भी कहा कि आने वाले दिनों में अगर फंड आता है, तो भवन बनाया जाएगा. सवाल यह है कि इस बीच अगर कोई दुर्घटना हो जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
First published: August 14, 2017
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