छुआछूत की मटकी फोड़ कर मनाया नुवाखाई का त्यौहार

गरियाबंद जिले के देवभोग इलाके में नुवाखाई का त्यौहार वैसे तो हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. मगर इस बार मनाया गया यह त्यौहार इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गया है.देवभोग की जनता द्वारा नुवाखाई के मौके पर जात-पात का भेद और ऊंचनीच को खत्म करने की पहल की गई.

News18 Chhattisgarh
Updated: September 15, 2018, 8:24 PM IST
छुआछूत की मटकी फोड़ कर मनाया नुवाखाई का त्यौहार
नुवाखाई के मौके पर जात-पात की मटकी फोड़ी गई
News18 Chhattisgarh
Updated: September 15, 2018, 8:24 PM IST
गरियाबंद जिले के देवभोग इलाके में नुवाखाई का त्यौहार वैसे तो हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. मगर इस बार मनाया गया यह त्यौहार इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गया है.देवभोग की जनता द्वारा नुवाखाई के मौके पर जात-पात का भेद और ऊंचनीच को खत्म करने की पहल की गई.यहां के युवाओं ने पहले गांव के हर घर जाकर पकवान इकट्ठा किए फिर सभी समाज के लोगों के साथ मिलकर सामाजिक समरसता बनाने के लिए छुआछुत रुपी मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया.

कार्यक्रम के बाद पूरे गांव से इकट्ठा किया गया पकवान सभी को प्रसाद के रुप में वितरण किया गया.विश्व हिन्दू परिषद के सहयोग से गांव के युवाओं द्वारा शुरु की गई इस नई पहल से गोहेकेला के लोग बेहद खुश हैं.ग्रामीणों का मानना है कि युवाओं की इस पहले से उनके गांव के माहौल में बदलाव आएगा और गांव में ऊंच-नीच, जात-पात का भेद खत्म होगा. सभी लोगों में आपसी भाईचारा बढ़ेगा.

देवभोग क्षेत्र के गोहेकेला गांव में शुक्रवार की देर रात नुवाखाई मनाने की पुरानी परपंरा को एक नया रूप दिया गया. इस नए रूप का मकसद बहुत साफ और बहुत बड़ा है.जिस छुआछूत और ऊंच-नीच की सामाजिक बुराई के कारण लोग आपस में बंटे रहते हैं उसे मिटाकर सामाजिक समरसता लाने के लिए गोहेकेला में किए गए कार्यक्रम की हर ओर चर्चा है.विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े युवाओं ने दावा किया कि सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए वह इस इलाके के हर गांव में ऐसे आयोजन करेंगे.
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