प्रिंसिपल ने कहा- कॉलेज आने की जरूरत नहीं, घर में ही रहकर पढ़ाई करें स्टूडेंट

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गरियाबंद जिले में सरकारी कॉलेज (College) के प्रि​सिंपल ने विद्यार्थियों को घर पर ही रहकर पढ़ाई करने का सुझाव दिया.

Krishna Kumar Saini | News18 Chhattisgarh
Updated: September 1, 2019, 1:13 PM IST
प्रिंसिपल ने कहा- कॉलेज आने की जरूरत नहीं, घर में ही रहकर पढ़ाई करें स्टूडेंट
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सरकारी कॉलेज के प्रि​सिंपल ने विद्यार्थियों को घर पर ही रहकर पढ़ाई करने का सुझाव दिया.
Krishna Kumar Saini
Krishna Kumar Saini | News18 Chhattisgarh
Updated: September 1, 2019, 1:13 PM IST
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गरियाबंद जिले में सरकारी कॉलेज (College) के प्रि​सिंपल ने विद्यार्थियों को घर पर ही रहकर पढ़ाई करने का सुझाव दिया. प्रिंसिपल (Principal) ने कहा कि कॉलेज आने की जरूरत नहीं है. इसके पीछे की वजह हैरान करने वाली है. प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज में सहायक प्राध्यापक और प्राध्यापकों के सभी पद रिक्त हैं. इतना ही नहीं कॉलेज में प्यून (Pune) तक की नियुक्ति नहीं की गई है. ऐसे में कॉलेज में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है.

गरियाबंद (Gariaband) जिले के मैनपुर विकासखंड मुख्यालय में संचालित नवीन शासकीय महविद्यालय में आजादी के 66 साल बाद यहां कॉलेज तो खुल गया, लेकिन शिक्षकों (Teacher) की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है. कॉलेज (College) के प्रिंसिपल डॉ. जीएल मनहरण का कहना है कि टीचर्स तो छोड़िए कॉलेज में चपरासी और भृत्य तक नहीं है. ऐसे में काँलेज की स्थिति क्या होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. हालात को देखते हुए ही छात्रों को घर बैठकर पढाई करने की सलाह दी है. क्योंकि बगैर संसाधन और टीचर्स के बच्चे यदि यहां आएंगे तो उनका समय ही खराब होगा.

gariaband college
गरियाबंद शासकीय कॉलेज.


125 किलोमीटर दूर से आते हैं छात्र

बता दें कि गरियाबंद में संचालित इस कॉलेज में 125 किलोमीटर दूर तक के विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं. कॉलेज के छात्र मानव भोसले व चित्रलेखा यादव का कहना है कि यहां के अलावा यदि दूसरी जगह कॉलेज जाना हो तो कम से 50 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा. यहां अच्छी पढ़ाई नहीं होने के कारण हमें अपने भविष्य को लेकर चिंता है. कॉलेज में कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है. इसके चलते सभी को परेशानी का सामना करना पड़ता है. मामले को लेकर जिला प्रशासन स्तर पर कई बार शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक उसपर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है. अब पढ़ाई कर रहे सभी विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट मंडराने लगा है.

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First published: September 1, 2019, 1:13 PM IST
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