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दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 16 साल के शैलेंद्र बने एक दिन के कलेक्टर, CM भूपेश बघेल से मिलेंगे

दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 16 साल के शैलेंद्र बने एक दिन के कलेक्टर, CM भूपेश बघेल से मिलेंगे

प्रोजेरिया पीड़िता गरियाबंद के शैलेंद्र बने एक दिन के कलेक्टर.

प्रोजेरिया पीड़िता गरियाबंद के शैलेंद्र बने एक दिन के कलेक्टर.

Chhattisgarh News: गरियाबंद के 16 साल के प्रोजेरिया (Progeria Disease) पीड़ित शैलेंद्र को एक दिन का कलेक्टर बनाया गया. शैलेंद्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी मुलाकात करेंगे. छुरा विकासखंड के मेढकी डबरी गांव का रहने वाला शैलेंद्र प्रोजेरिया नामक दुर्लभ लाइलाज बीमारी से ग्रसित है. कुछ दिन पहले उसने कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की थी. प्रोजेरिया से पीड़ित गरियाबंद का शैलेंद पा फिल्म में अमिताभ बच्चन के किरदार जैसा दिखता है.

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गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद (Gariyabandh) जिले में प्रोजेरिया (Progeria Disease)  जैसी लाइलाज बीमारी 16 साल के शैलेंद्र को प्रशासन ने एक दिन का कलेक्टर बनाया है. छुरा विकासखंड के मेढकी डबरी गांव के रहने वाले शैलेंद्र का कलेक्टर बनने का सपना था. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद प्रशासन ने शैलेंद्र को शैडो कलेक्टर बनाया. शुक्रवार को शैलेंद्र कलेक्टर ऑफिस पहुंचा. इस दौरान उससे मिलने कलेक्टर निलेश क्षीरसागर पहुंचे और शैडो कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी. इसके बाद अब शैलेंद्र रायपुर भी जाएगा और सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात करेगा. प्रोजेरिया से पीड़ित गरियाबंद का शैलेंद पा फिल्म में अमिताभ बच्चन के किरदार जैसा दिखता है.

शैलेंद्र को एक दिन का कलेक्टर बनने के बाद गरियाबंद कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद उसे ये जिम्मेदारी दी गई है. शैलेंद्र के मुख्यमंत्री से मिलने का समय तय है. रायपुर से लौटने के बाद उसे बकायदा कलेक्टर की कुर्सी पर भी बैठाया जाएगा. इधर, शैलेंद्र ने कहना है कि बचपन से ही उसने कलेक्टर बनने का सपना देखा था.

16 साल की उम्र में बुजुर्ग जैसा दिखता है शैलेंद्र

छुरा विकासखंड के मेढकी डबरी गांव का रहने वाला शैलेंद्र प्रोजेरिया नामक दुर्लभ लाइलाज बीमारी से ग्रसित है. कुछ दिन पहले उसने कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की थी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने शैलेंद्र को शैडो बनाने के निर्देश दिए जिस पर अब जिला प्रशासन अमल कर रहा है.

शैलेंद्र के परिजनों का कहना है कि वह सामान्य बच्चों की स्कूल जाता है और पढ़ाई करता है. बचपन से ही वह इस बीमारी से पीड़ित है. उसकी कलेक्टर बनने की इच्छा थी. बीमारी की वजह से उसका शारीरिक विकास रुक गया, लेकिन अब उसकी इच्छा प्रशासन ने पूरी की है. मिली जानकारी के मुताबिक, शैलेंद्र के इलाज की भी तैयारी की जा रही है.

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क्या होती है प्रोजेरिया बीमारी?

प्रोजेरिया बीमारी अब तक लाइलाज है. इस बीमारी से ग्रसित 10 साल का बच्चा भी 80-90 साल के बुजुर्ग जैसा दिखने लगता है. इस दुर्लभ बीमारी का नाम बेंजामिन बटन (Benjamin Button Disease) है. इस बीमारी को प्रोजेरिया बीमारी (Progeria Disease) के नाम से भी जाना जाता है. इस रिसर्च के मुताबिक, प्रोजेरिया बीमारी 2 करोड़ बच्चों में से किसी एक को अपनी चपेट में लेती है. इस बीमारी की चपेट में आने वाला बच्चा आमतौर अधिक उम्र तक जिंदा नहीं रह पाता.

Tags: Chhattisgarh news, Chhattisgarh news breaking, Chhattisgarh news live

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