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8वीं के छात्र ने फसलों के लिए बनाया 'च्‍यवनप्राश', 15 फरवरी को IIT दिल्ली में करेगा प्रदर्शि‍त

Krishna Kumar Saini | News18 Chhattisgarh
Updated: February 10, 2019, 6:19 PM IST

गरियाबंद के झरियाबाहरा स्कूल में 8वीं के छात्र गिरधर यादव ने उन्नत फसल के लिए एक 'च्यवनप्राश' तैयार किया है. इसके इस्तेमाल से फसल के उत्पादन में 10 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है.

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में उन्नत फसल के लिए किसानों को कई प्रकार की खाद-दवाइयों का इस्तेमाल करना पड़ता है. अगर दवाइयां सस्ती और जैविक हों तो किसान के लिए ये किसी सोने पर सुहागे  से कम नहीं होगा. इसी क्रम में गरियाबंद के एक स्कूली छात्र ने ऐसी ही एक दवाई ईजाद की है, जिसे किसान कम लागत में घर पर ही तैयार कर सकते हैं. साथ ही इससे अपनी फसल का उत्पादन भी बढ़ा सकते हैं. छात्र की इस दवा को वैज्ञानिकों के बड़े प्लेटफार्म पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.

बता दें कि गरियाबंद के झरियाबाहरा स्कूल में 8वीं के छात्र गिरधर यादव ने उन्नत फसल के लिए एक 'च्यवनप्राश' तैयार किया है. इसके इस्तेमाल से फसल के उत्पादन में 10 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है. सबसे अहम बात यह है कि ये 'च्यवनप्राश' जंगल की वनस्पतियों से तैयार किया गया है. किसान महज 100 से 150 रुपए खर्च कर एक एकड़ फसल के लिए ये च्यवनप्राश घर पर ही तैयार कर सकते हैं.

छात्र गिरधर ने बताया कि उसने राज्य और अंतरराज्‍यीय विज्ञान प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था, जिसमें वह इंस्पायर अवार्ड जीत चुका है. अब 15 फरवरी को आईआईटी दिल्ली में वह अपने उत्पाद का प्रदर्शन करने जा रहा है.

उत्पाद को लेकर गिरधर के दादा रमेश यादव ने दावा किया है कि वे इसका इस्तेमाल घर की बाड़ी में कर चुके हैं, जिसका अच्छा असर उन्हें देखने को मिला है. आसपास के ग्रामीण समेत बोइरगांव के मुखिया सुंदर सिंह ने भी उनके घर जाकर इसका असर देखने के बाद किसानों के लिए इसे लाभकारी बताया है.

वहीं गिरधर की इस उपलब्धि‍ के बाद झरियाबाहरा मिडिल स्कूल अचानक सुर्खियों में आ गया है. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे जहां इंस्पायर अवार्ड के बारे में जानते तक नहीं, वहीं जंगल वाले इलाके में संचालित झरियाबाहरा मिडिल स्कूल से 3 छात्र ये आवार्ड हासिल कर चुके हैं.

10 साल में गिरधर स्कूल से इंस्पायर अवार्ड हासिल करने वाला तीसरा छात्र है. स्कूल के शिक्षकों के मुताबिक इसके लिए वे शासन से मिले टॉपिक पर बच्चों से विशेष तौर पर तैयारी करवाते हैं. बहरहाल, गिरधर का उत्पाद किसानों के लिए तो फायदेमंद है ही, उससे भी ज्यादा यह ग्रामीण परिवेश में रहकर शिक्षा अर्जित कर रहे बच्चों के लिए प्रेरणा का काम करेगा.

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First published: February 10, 2019, 10:33 AM IST
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