छात्रों ने अपने एनुअल फंक्शन में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का रखा थीम

गरियाबंद जिले के देवभोग शासकीय महाविद्यालय के एनुअल फंक्शन में छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रोग्राम कम और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से जुड़े कार्यक्रम की ज्यादा प्रस्तुति दी.

Krishna Kumar Saini | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: February 15, 2018, 9:59 AM IST
छात्रों ने अपने एनुअल फंक्शन में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का रखा थीम
छात्रों ने अपने एनुअल फंक्शन में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का रखा थीम
Krishna Kumar Saini | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: February 15, 2018, 9:59 AM IST
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देवभोग शासकीय महाविद्यालय के एनुअल फंक्शन में छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रोग्राम कम और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से जुड़े कार्यक्रमों को ज्यादा महत्व दिया.

यहां तक कि इस दौरान स्टेज की सजावट, रंगोली और लेख प्रतियोगिता भी 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान पर ही केंद्रित रहा. कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों ने इसके पीछे का मकसद बताते हुए कहा कि देवभोग एक पिछड़ा इलाका है, जहां अभी भी बेटियों को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है. ऐसे में प्रचार प्रसार के लिए कॉलेज से बढ़िया और कोई प्लेटफार्म नहीं हो सकता है.

इस दौरान पूछे जाने पर देवभोग शासकीय महाविद्यालय की छात्रा ने कहा कि खास तौर पर देवभोग के अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाली बेटियों को आगे आने का मौका नहीं दिया जाता है. इसलिए आज वो दूसरे क्षेत्रों की तुलना में काफी पीछे हैं. छात्रा ने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए बेटियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए देवभोग शासकीय महाविद्यालय के एनुअल फंक्शन का थीम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' रखा गया.

छात्रा ने कहा कि इसके लिए महाविद्यालय के स्टूडेंट्स ने अपना काफी सहयोग दिया है. ताकि यहां के अभिभावक भी अपनी बेटियों को पढ़ाने के साथ साथ आगे लाने के लिए जागरूक हो सके.

वहीं देवभोग शासकीय महाविद्यालय के शिक्षक चंद्रा सोनी ने कहा कि पैरेंट्स को अपने बेटे और बेटियों में फर्क नहीं करना चाहिए. जितना मौके वो अपने बेटे को आगे पढ़ने और बढ़ने के लिए देते हैं उतना ही मौका उन्हें अपनी बेटियों को भी देने चाहिए. तभी यह समाज भी आगे बढ़ पाएगा.
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