गरियाबंद में सिर दर्द और उल्टी-दस्त से दो महिलाओं की मौत

ETV MP/Chhattisgarh
Updated: October 13, 2017, 8:02 AM IST
गरियाबंद में सिर दर्द और उल्टी-दस्त से दो महिलाओं की मौत
मृतक महिलाएं.
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Updated: October 13, 2017, 8:02 AM IST
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में सिर दर्द और उल्टी दस्त से दो महिलाओ की मौत होने का मामला सामने आया है. मगर परिजन महिलाओं को बीमार होने की बजाय उन पर देवी का प्रकोप होने का दावा कर रहे हैं. परिजनों के मुताबिक देवी ने उनकी जान ली है. देश के सबसे पिछड़े इलाकों में शामिल इस जिले में अंधविश्वास को खत्म करना जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

जानकारी के अनुसार गरियाबंद जिले के अंतिम छोर पर बसा देवभोग इलाका आज भी अंधविश्वास के जाल में जकड़ा हुआ है. इसका ताजा उदाहरण बरकानी गांव में देखने को मिला. यहां 25 वर्षीय विवाहिता जोसना ध्रुव की उल्टी-दस्त से सप्ताहभर पहले मौत हो गई. अगले दिन उसी गांव की टिकेमनी ध्रुव नाम की 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई. दोनों को सिर में दर्द हुआ और फिर उल्टी-दस्त शुरू हो गया. कुछ ही घंटे बीमार रहने के बाद दोनों की मौत हो गई. मगर परिजनों का दावा है कि वे बीमार नहीं थीं, बल्कि देवी उन्हें अपने साथ ले जाना चाहती थी. इसलिए उनकी मौत हो गई. यही नही परिजनों ने उनका इलाज कराने की बजाय झाड फूंक करवाने में ज्यादा ध्यान दिया.

गांव में अचानक दो महिलाओं की मौत से दहशत फैल गई. ताज्जुब की बात ये कि स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी. स्वास्थ्य विभाग को दो दिन पहले तब पता चला जब गांव की कुछ और महिलाएं बीमार हो गईं. बरकानी से लगे सीनापाली उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्वास्थ्य कार्यकर्ता केतकी देशमुख गांव पहुंची और परीक्षण करने पर कुछ महिलाओं में मलेरिया होने के लक्ष्ण मिले. जागरुकता के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने का दावा करने वाला प्रशासन भी लोगों को इस अंधविश्वास से बाहर निकालने में पूरी तरह फेल नजर आ रहा है.
First published: October 13, 2017
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