महासमुंद: शिकारियों के जाल में फंसी हथिनी, करंट लगने से हुई मौत, 4 माह में मारे गए 11 हाथी

बिजली के तार की चपेट में आने से मृत हथिनी.
बिजली के तार की चपेट में आने से मृत हथिनी.

छत्तीसगढ़ के महासमुंद (Mahasamund) में जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए शिकारियों ने खेत में बिजली के तार बिछा रखे थे. जिसकी चपेट आने से मादा हाथी (Female Elephant) की मौत हो गई.

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महासमुद. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हाथियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला महासमुंद (Mahasamund) जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र के ग्राम किशनपुर में सामने आया है. यहां नारंगी क्षेत्र में जंगली सुअर के शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आने से एक गर्भवती हथिनी की मौत हो गई है. जिसका शव शनिवार सुबह मूंगफली के खेत में मिला है. इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी है.

जिस खेत में हथिनी की मौत हुई है उसका मालिक कीर्तन है. उसने सन्यासी साहू को अपनी जमीन खेती के लिए किराए पर दे रखी है. खेत मे मूंग और फल्ली लगाई गई है. जिसके किनारे करीब डेढ़ किलोमीटर तक तार का विद्युत प्रवाहित फंदा लगाया गया था. हथिनी की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच है. मृत हथिनी का वन विभाग ने मौके पर ही पीएम कराया जिसके बाद वहीं उसे दफनाया गया. वन विभाग किशनपुर और रामपुर के ग्रामीणों से पूछताछ में जुटी हुई है. वन विभाग के आला अधिकारी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रहे हैं.

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जिला मुख्यालय से महज 8 किमी दूर है हाथियों का दल
जिला मुख्यालय से महज आठ किमी दूर हाथियों का दल देखा गया है. पिथौरा क्षेत्र में ही शुक्रवार सुबह बेलटुकरी और साराडीह गांव में हाथी सड़क पर आ गए और ग्रामीणों और बच्चों को दौड़ा लिया था. हाथी ने एक बच्चे को सूंड़ से उठाकर फेंक दिया था, वहीं दूसरे को कुचलने का प्रयास किया था. दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

ओडिशा की ओर से पहुंचा है हाथियों का दल
वन विभाग के मुताबिक, ओडिशा से चार हाथियों का दल सूखीपाली पहुंचा है, वहां से बुधवार रात पिथौरा वन क्षेत्र पहुंच गया. ग्रामीणों की सूचना पर आसपास के गांवों में हाथियों से सचेत रहने के लिए मुनादी कराई गई है. लोगों को जंगल की ओर जाने से मना किया गया है. वहीं हाथियों पर नजर रखने के लिए पेट्रोलिंग की जा रही है.

चार माह में 11 हाथियों की हो चुकी है मौत
छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. चार महीने में 11 हाथियों की मौत हो चुकी है. मंगलवार को धरमजयगढ़ के मेंढरमार में करंट लगने से हाथी की मौत हुई थी. इसमें पिता-पुत्र सुधुसाय उरांव और धरम साय उरांव को गिरफ्तार किया गया है. इस संबंध में पीसीसीएफ ने रिपोर्ट मांगी है. साथ ही लटके तारों को भी हटाने के लिए कहा है.

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कब कितने हाथियों की मौत हुई
26 सितंबर : महासमुंद के पिथौरा में संदिग्ध हालत में हाथी की मौत.
23 सितंबर : रायगढ़ में धरमजयगढ़ के मेंढरमार में करंट लगने से हाथी की मौत.
16 अगस्त : सूरजपुर में जहरीला पदार्थ खाने से नर हाथी की मौत.
24 जुलाई : जशपुर में करंट लगाकर नर हाथी को मारा गया.
9 जुलाई : कोरबा में 8 साल के नर हाथी की इलाज के दौरान मौत.
18 जून : रायगढ़ के धरमजयगढ़ में करंट से हाथी की मौत.
16 जून : रायगढ़ के धरमजयगढ़ में करंट से हाथी की मौत.
15 जून : धमतरी में माडमसिल्ली के जंगल में कीचड़ में फंसने से हाथी के बच्चे ने दम तोड़ा.
11 जून : बलरामपुर के अतौरी में मादा हाथी की मौत.
9 और 10 जून : सूरजपुर के प्रतापपुर में एक गर्भवती हथिनी सहित 2 मादा हाथियों की मौत.
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