जांजगीर में पनप रहे अवैध ईंट के भट्ठे, प्रशासन बना है मौन
Janjgir News in Hindi

जांजगीर में पनप रहे अवैध ईंट के भट्ठे, प्रशासन बना है मौन
लाल ईंट का खूब चल रहा है अवैध कारोबार.

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में इन दिनों अवैध लाल ईंट भट्ठों की बाढ़ आई हुई है. रसूखदार लोग कुम्हार जाति को मिली छूट का लाभ लेते हुये लगातार अवैध ईंट का निर्माण कर मोटी कमाई करने मे जुटे हैं.

  • Share this:
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में इन दिनों अवैध लाल ईंट भट्ठों की बाढ़ आई हुई है. रसूखदार लोग कुम्हार जाति को मिली छूट का लाभ लेते हुये लगातार अवैध ईंट का निर्माण कर मोटी कमाई करने मे जुटे हैं. खास बात ये है कि जांजगीर जिले में ईंट बनाने के लिए एक भी भट्ठे को मंजूरी नहीं दी गई है.

गौड़ खनिज के लिये पहचाने जाने वाले जांजगीर जिले में एक भी गांव या क़स्बा ऐसा नहीं है जहां लाल ईंट का करोबार न किया जा रहा हो. ईंट बनाने के लिए मिट्टी का अवैध उत्खनन तो किया ही जा रहा है. साथ ही ईंट को पकाने के लिये भारी मात्रा मेें कोल माफियाओं से कोयला खरीद कर शासन को चुना लगाया जा रहा है.

जानकारों का आरोप है कि खनिज विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों की सरपरस्ती में लाल ईंट का काला कारोबार किया जा रहा है और अधिकारियों का संरक्षण होने के चलते यह धंधा खूब फल फूल रहा है.



कुम्भार जाति के लोगों को मिली है छूट
अवैध ईंट भट्ठों के चलते राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है. साथ ही कारोबार से जुड़े लोग और अधिकारी मोटी कमाई कर रहे हैं. कुम्भार जाति के लोगों को अस्थाई ईट भट्ठे के लिए एक साल या 30 जून तक ही ईंट बनाने की मंजूरी दी जाती है.

इस दौरान एक साल में सिर्फ पचास हजार ईंट बना सकते हैं, खनिज विभाग ने वर्ष 2016  17 मे ईंट भट्ठे के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया है इसके बावजूद खुलेआम लाल ईंट के भट्ठे संचालित किये जा रहे हैं.

एसडीएम के मुताबिक इस साल किसी को भी लाल ईंट बनाने की मंजूरी नहीं दी गई है और जिले में जितने भी लाल ईंट के भट्ठे हैं वे पूरी तरह अवैध हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज