सर्पदंश के शिकार होने पर झाड़ फूंक से दूर रहने की लोगों से अपील

जांजगीर चांपा जिले के नैला में काम करने वाली एक महिला मजदूर वर्षा कश्यप को सर्प ने डस लिया. उसका पति और परिवार जागरूक था. इसलिए बिना देर किए उसे इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले गए. वर्षा अब खतरे से बाहर है.

Rohit Shukla | News18 Chhattisgarh
Updated: August 12, 2018, 9:39 AM IST
सर्पदंश के शिकार होने पर झाड़ फूंक से दूर रहने की लोगों से अपील
सर्पदंश के शिकार होने पर झाड़ फूंक के बजाय सीधा अस्पताल जाए
Rohit Shukla | News18 Chhattisgarh
Updated: August 12, 2018, 9:39 AM IST
छत्तीसगढ़ में बारिश का मौसम शुरू होते ही जांजगीर चांपा जिले में सांपों का कहर भी शुरू हो गया है. अब तक 83 लोग सर्पदंश का शिकार हो चुके हैं. 83 पीड़ितों में से 8 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी. सर्पदंश से काल के गाल में समां चुके पीड़ित परिवारों समेत जिला कलेक्टर ने सभी गांव वालों को झाड़ फूंक से दूर रहने की अपील की है.

जांजगीर चांपा जिले में बारिश के कारण पानी जमा होने से सांप बाहर निकलने लगे हैं. बता दें कि अभी भी सर्पदंश के मरीज लगातार जिले के अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे हैं. इस दौरान जो लोग जागरूक होते हैं, वो किसी झाड़ फूंक और जड़ी बूटी के चक्कर में नहीं फंसते बल्कि सीधा अस्पताल ले आते हैं. ऐसे में जो मरीज सीधा अस्पताल लाए जाते हैं, वो सकुशल घर वापस जा रहे हैं.

इसी क्रम में जांजगीर चांपा जिले के नैला में काम करने वाली एक महिला मजदूर वर्षा कश्यप को सर्प ने डस लिया. उसका पति और परिवार जागरूक था. इसलिए बिना देर किए उसे इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले गए. वर्षा अब खतरे से बाहर है.

वहीं इससे पहले ग्राम पिसौद की रहने वाली महिला सरस्वती साहू के पति को भी सांप ने काट लिया था, लेकिन समय पर अस्पताल नहीं ले जाने के कारण उसकी मौत हो गई. पीड़ित सरस्वती के 2 बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया. सरस्वती सर्पदंश के शिकार हुए अपने पति को तो नहीं बचा पाई, लेकिन उसने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी सांप काटता है तो वे किसी तंत्र मंत्र में न पड़े बल्कि जल्द से जल्द अस्पताल जाए.

 

जांजगीर कलेक्टर, नीरज बंसाडे ने बताया कि शासन द्वारा सर्पदंश से मौत होने वाले परिवार के सदस्यों को शासन द्वारा 4 लाख की सहायता राशि दी जाती है. किसी भी पीड़ित परिवार को सहायता राशि के लिए भी आवेदन पत्र के साथ कुछ दस्तावेज देकर सहायता राशि मिल जाती है. इसके लिए जिले के सभी तहसील कार्यालयों में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है.
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