Chhattisgarh Election Result 2018: इस हाईप्रोफाइल सीट पर BJP की जीत को रोक पाएंगे कांग्रेस के महंत?
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Chhattisgarh Election Result 2018: इस हाईप्रोफाइल सीट पर BJP की जीत को रोक पाएंगे कांग्रेस के महंत?
डॉ. चरण दास महंत (फाइल फोटो)

Chhattisgarh Election Result 2018 (छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम): सक्ती विधानसभा क्षेत्र में इस बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत की साख दांव पर है. सक्ती विधानसभा क्षेत्र में डॉ. महंत का गृहग्राम सारागांव भी आता, इस लिहाज से ये चुनाव उनके लिए और भी खास हो जाता है.

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में इस बार कई हाईप्रोफाइल सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है. जहां भाजपा एक बार फिर सत्ता का ताज पाने की जुगत में है तो वहीं कांग्रेस पूरी ताकत के साथ कांग्रेस भी जीत के लिए मशक्कत कर रही है. ऐसा ही एक चिलचस्प मुकाबला जांजगीर-चांपा के सक्ती विधानसभा सीट पर भी देखा जा रहा है.

कांग्रेस ने इस बार के विधानसभा चुनाव में अपनी जीत पुख्ता करने के लिए अपने कद्दावर नेता डॉ. चरणदास महंत को चुनाव मैदान में उतारा है. सक्ती विधानसभा क्षेत्र में इस बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत की साख दांव पर है. सक्ती विधानसभा क्षेत्र में डॉ. महंत का गृहग्राम सारागांव भी आता, इस लिहाज से ये चुनाव उनके लिए और भी खास हो जाता है.

गौरतलब हो कि डॉ. चरणदास कांग्रेस का नाम कांग्रेस के उन नेताओं के फेहरिस्त में शामिल है जिन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी माना जा रहा है. महंत के खिलाफ भाजपा ने चुनाव दांव खेलते हुए मेघाराम साहू को मैदान में उतारा है. साहू सक्ति से 2003 में विधायक बने थे. लेकिन अजित जोगी और बसपा का गठबंधन होने के बार सक्ती सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है.



देखा जाए तो सक्ती विधानसभा सीट किसी एक पार्टी का गढ़ नहीं रहा. इस सीट पर किसी एक पार्टी ने लगातार जीत हासिल नहीं की है. कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-एक बार यहां से जीत हासिल की है. सक्ती विधानसभा सीट पर 2003 में बीजेपी ने जीत दर्ज की तो 2008 में कांग्रेस की अपना परचम लहराया. 2013 में बीजेपी ने फिर से इस सीट पर कब्जा किया.
 

इस सीट पर चुनावी परिणाम

 

2003 के नतीजे

बीजेपी के मेघाराम साहू को 27680 वोट मिले थे.

कांग्रेस के मनहारन राठौर को 24408 वोट मिले थे.

 

2008 के नतीजे

कांग्रेस की सरोजा राठौर को 47368 वोट मिले थे.

बीजेपी के मेघाराम साहू को 37976 वोट मिले थे.

 

2013 के नतीजे

बीजेपी के डॉ. खिलावन साहू को 51577 वोट मिले थे.

कांग्रेस की सरोजा राठौर को 42544 वोट मिले थे.

 

सक्ती विधानसभा सीट पर एक नजर

सक्ती विधानसभा जांजगीर-चंपा जिले की एक SC वर्ग की सीट है. यह सीट लोकसभा क्षेत्र के जांजगीर चंपा के अंतर्गत आती है. सक्ती विधानसभा सीट में कुल वोटरों की संख्या 196588 है. यह विधानसभा क्षेत्र सक्ती रियासत की कर्मभूमि रही है. यहां के राज परिवार ने आजादी के बाद से लगातार 50 साल तक राज किया है. इस दौरान 1952 के पहले चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर भी निर्दलीय के रूप में लीलाधर सिंह चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे.

इसके बाद से 1998 तक यहां राज परिवार के सदस्य विधायक बनते आए, जिनमें सर्वाधिक कार्यकाल सक्ती राजा सुरेन्द्र बहादुर का रहा. हालांकि इसके बाद 1998 के चुनाव में लवसरा गांव के सरपंच रहे बीजेपी उम्मीदवार मेघाराम साहू से कांग्रेस प्रत्याशी सक्ती राजा को पराजित होना पड़ा. इसके बाद मेघाराम लगातार दो बार विधायक बने.

चुनावी नतीजों की बात करें तो 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के मेघाराम साहू ने इस सीट पर ढ़ाई हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी. तब उन्हें 27680 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के मनहारन राठौर को 24408 वोट मिले थे. 2008 में यह सीट कांग्रेस के खाते में चले गई और भाजपा के मेघाराम साहू को कांग्रेस की सरोज राठौर ने लगभग 9 हजार से ज्यादा मतों से हराया था. तो वहीं 2013 में साहू ने बाजी पलटते हुए कांग्रेस की सरोज राठौर को लगभग 10 हजार मतों से हराया.

 

जानिए डॉ. चरण दास महंत से जुड़ी खास बातें

पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा हैं. 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए छत्तीसगढ़ से अकेले कांग्रेसी सांसद चरणदास महंत ही थे. महंत को कांग्रेस की तरफ सीएम पद के उम्मीदवारों में से एक माना जा रहा है. कांग्रेस ने इस बार उन्हें सक्ति विधानसभा सीट से प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतारा है. महंत का राजनीतिक सफर मध्यप्रदेश विधानसभा से शुरू हुआ. वह 1980 से 1990 तक दो कार्यकाल के लिए विधानसभा सदस्य रहे. 1993 से 1998 के बीच वह मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे. 1998 में उन्हे 12वीं लोकसभा के लिए चुना गया. 1999 में भी 13वीं लोकसभा के लिए वे चुने गए.

डॉ. चरण दास महंत 2006 से 2008 तक छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे. 2009 में वह 15वीं लोकसभा के लिए भी चुने गए. महंत ने केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में राज्य मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का पदभार संभाला. 2009 में संसद सदस्यों के वेतन और भत्ते पर बनी संयुक्त समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए.

लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में कोरबा सीट पर उन्हे हार झेलनी पड़ी थी. डॉ. चरणदास महंत का जन्म छत्तीसगढ़ के जांजगीर चंपा जिले में हुआ. महंत ने पीएचडी तक शिक्षा प्राप्त की है. चरण दास महंत एक लेखक के तौर पर भी जाने जाते है. उनकी अब तक तीन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं.

 

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