63 लाख की डकैती का भंडाफोड़, पुलिस ने इमाम समेत 5 को किया गिरफ्तार
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63 लाख की डकैती का भंडाफोड़, पुलिस ने इमाम समेत 5 को किया गिरफ्तार
डकैती मामले में इमाम समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के चांपा थाना क्षेत्र में जगदल्ला पारा के राइटर कैश कलेक्शन कंपनी के कार्यालय में बंदूक की नोक पर बीते 26 नवंबर को हुई करीब 63 लाख रुपए की बहुचर्चित डकैती कांड का खुलासा हो गया है.

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छत्तीसगढ़ के चांपा थाना क्षेत्र में जगदल्ला पारा के राइटर कैश कलेक्शन कंपनी के कार्यालय में बंदूक की नोक पर बीते 26 नवंबर को हुई करीब 63 लाख रुपए की बहुचर्चित डकैती कांड का खुलासा हो गया है. मामाले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. आपको बता दें कि बिलासपुर रेंज के आईजी पुरुषोत्तम गौतम और जांजगीर पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने बीते मंगलवार को प्रेस वार्ता कर संबंधित मामले का खुलासा किया है.

जांजगीर चांपा के पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने मामले में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि डकैती का मास्टर माइंड कोरबा जिले के जामा मस्जिद का इमाम है. वहीं मामले में 5 नकाबपोश और 3 सफेदपोश समेत कुल 8 आरोपियों ने मिलकर इस पूरी डकैती की वारदात को अंजाम दिया था.

3 आरोपियों की तलाश जारी



पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पकड़े गए 5 डकैतों से पुलिस ने करीब 21 लाख नकद रुपए और डकैती में उपयोग किए गए हथियार को जब्त किया है. उन्होंने कहा कि वारदात में शामिल 3 अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.
डकैती की इस पूरी वारदात का मास्टर माइंड कोरबा के जामा मस्जिद का इमाम मोहर्रम अली उर्फ खुश्तर रब्बानी है. इमाम के घर में छापामार कार्रवाई कर इमाम मोहर्रम अली को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना में शामिल होना और साधन मुहैया कराना स्वीकार किया है.

इमाम मोहर्रम अली ने पुलिस को बताया कि डकैती में शामिल आरोपी हाजी मेमन अक्सर मस्जिद आया करता था, जिसके बाद से दोनों के बीच घनिष्टता बढ़ गई और एक दिन दोनों ने मिलकर डकैती का प्लान बना डाया. इसी बीच हाजी मेमन को चांपा के राइटर कैश कलेक्शन सेंटर मे शराब दुकानों के बिक्री के पैसे इकट्ठा होने की जानकारी मिली, जिसके बाद से हाजी मेमन ने राइटर कैश कलेक्शन की रेकी करना शुरू कर दी.

इसके बाद वह मौके की तलाश करने लगा. पुलिस ने बताया कि इमाम मोहर्रम अली बिहार का रहने वाला था. साथ ही उसका कई आपराधिक तत्व के लोगों से संपर्क भी था. इसलिए इमाम मोहर्रम अली ने हाजी मेमन को घटना में शामिल अपराधियों से मिलने के लिए बिहार भेजा था.

...इस तरह दिया था एक बड़ी डकैती को अंजाम

हाजी मेमन ने घटना को अंजाम देने के लिए बिहार के बांका जिला के निवासी मोहम्मद सिद्दीकी, सद्दाम, मोहम्मद कुनैन, हीरा खान, प्रेम चौधरी और धनबाद निवासी मोहम्मद शहजाद उर्फ बाबू से संपर्क किया था. इसके बाद सभी आरोपी इमाम के घर कोरबा गए और रात में डकैती की योजना बनाई. इस दौरान डकैती में इस्तेमाल की जानी वाली गाड़ियों की व्यवस्था जिले के जामा मस्जिद के इमाम ने की थी.

घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने कट्टा और कारतूस का जुगाड़ कर बीते 26 नवंबर का दिन तय कर सभी हथियार इमाम के घर छोड़कर बिहार लौट गए. इसके बाद 26 नवंबर को मोहम्मद सिद्दीकी और बाबू अपने सभी साथियों के साथ हावड़ा मुंबई मेल से सुबह 7:30 बजे के करीब चांपा पहुंचकर इमाम के घर कोरबा गए. इसी क्रम में शाम को हाजी मेमन की मोटरसाइकिल और एक चोरी की मोटरसाइकिल के साथ हथियार समेत सभी आरोपी चांपा पहुंचे.

इसके बाद मौका देखकर घटना को अंजाम देकर कोरबा की ओर भाग निकले. वहीं इमाम मोहर्रम अली के घर पहुंचकर रुपयों का हिसाब किताब और बंटवारा किया गया. घटना को अंजाम देकर अपने अपने हिस्से का पैसा लेकर आरोपी वापस बिहार रवाना हो गए. हालांकि इस पूरी घटना का मास्टर माइंड कोरबा के जामा मस्जिद का इमाम मोहर्रम अली लूट के वक्त मौके पर नहीं गया था.

बहरहाल, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को न्यायालय के सामने प्रस्तुत कर रिमांड में ले लिया है.
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