पत्नी को भरण-पोषण राशि देने के लिए 100 किलो चिल्लर लेकर कोर्ट पहुंचा पति...

जज ने इसे पत्नी को प्रताड़ित करने का एक तरीका मानते हुए पति (पुनीराम) को न केवल सिक्कों को खुद गिनने का आदेश दिया, बल्कि पूरे पैसे को महिला के घर तक पहुंचाने के लिए भी कहा.

News18 Chhattisgarh
Updated: July 20, 2019, 12:19 PM IST
पत्नी को भरण-पोषण राशि देने के लिए 100 किलो चिल्लर लेकर कोर्ट पहुंचा पति...
सिक्कों से भरे 5 बोरे लेकर कोर्ट पहुंचा पति, गिनकर पत्नी के घर तक पहुंचाने का आदेश
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Updated: July 20, 2019, 12:19 PM IST
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक व्यक्ति शुक्रवार को कुटुंब न्यायालय में 5 बोरियों में करीब 33 हजार रुपए के सिक्के लेकर पहुंचा. ये सिक्के पत्नी को भरण पोषण देने के लिए थे. इसके बाद जज ने जैसे ही पैसे देने को कहा तो उसने 1, 2, 5 और 10 के सिक्कों से भरी बोरियां आगे कर दी. लिहाजा, जज ने इसे पत्नी को प्रताड़ित करने का एक तरीका मानते हुए पति (पुनीराम) को न केवल सिक्कों को खुद गिनने का आदेश दिया, बल्कि पूरे पैसे को महिला के घर तक पहुंचाने के लिए भी कहा.

सिक्के गिनने के बाद पैसों को पत्नी के घर तक पहुंचाने का आदेश
कुटुंब न्यायालय के जज किरण चतुर्वेदी ने महिला के पति को सख्त निर्देश देते हुए कहा वह सिक्कों को खुद गिनकर अपनी पत्नी को दे. इसके बाद कोर्ट रूम में ही पुनीराम सिक्के गिनने लगा और महिला उसके सामने बैठ गई. सिक्के गिनने के बाद जज ने पैसों को पत्नी के घर तक पहुंचाने का आदेश दिया. जज ने पैसा घर तक पहुंचाने के बाद उसकी पक्की रसीद 22 जुलाई को कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया है.

सिक्के-coins
सब्जी-भाजी बेचकर इकट्ठा किए थे पैसे (सांकेतिक तस्वीर)


सब्जी-भाजी बेचकर इकट्ठा किए थे पैसे
वहीं मामले में पुनीराम साहू ने बताया कि वह एक किसान है. इसलिए सब्जी-भाजी बेचकर उसने पत्नी को देने के लिए पैसे गुल्लक में जमा किए थे, जिसे फोड़कर ही वह कोर्ट में लाया था. पुनीराम ने बताया कि 33 हजार रुपए नोट में इकट्‌ठा करना, उसके लिए कठिन हो रहा था इसलिए उसने सिक्के जमा किए.

पूरा मामला
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दरअसल, जिले में पामगढ़ थाना क्षेत्र के कोसला के पुनीराम साहू की शादी नवागढ़ थाना क्षेत्र की यशोधरा साहू से हुई थी. दोनों की 4 बेटियां है, जिनमें से 3 की शादी हो चुकी है. वहीं पति-पत्नी दोनों के बीच विवाद होेने के बाद वे करीब 20 साल पहले अलग हो गए. इस बीच उनका मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा, वहां समझौता नहीं होने पर कुटुंब न्यायालय जांजगीर में मामला चला गया. यहां से पुनीराम को हर माह पत्नी को 3700 रुपए भरण पोषण देने का आदेश मिला, लेकिन कुछ कारणों से वह पिछले 8 माह से पत्नी को पैसा नहीं दे पाया था.

कोर्ट-court
पत्नी ने सिक्कों से भरी बाेरी उठाने से किया मना


पत्नी ने सिक्कों से भरी बाेरी उठाने से किया मना

बहरहाल, जज के आदेश के बाद पति पुनीराम सिक्कों से भरी बोरियां लेकर कोर्ट के बाहर निकला. उनमें से एक बोरी उसने अपनी पत्नी को उठाकर ले जाने को कहा, जिस पर महिला ने उसे मना कर दिया.

सिक्के लाने के लिए किराए पर लेना पड़ा वैन 

कोर्ट से मिले आदेश के मुताबिक कुल 33 हजार 8 सौ रुपए पुनीराम को अपनी पत्नी को देने थे. उसने इतने सारे सिक्के जमा किए थे कि गांव से कोर्ट तक लाने में उसे वैन किराए पर लेनी पड़ी. सिक्के कुल 5 बोरियों में भरे थे. हर बोरियों का वजन करीब 20 किलो था. बहरहाल, उसी वैन में पुनीराम को पैसे लेकर पत्नी को घर पहुंचाना पड़ा.

वहीं महिला यशोधरा के वकील दयाराम राठौर ने बताया कि कुटुंब न्यायालय में भरण पोषण के लिए सिक्के लेकर आने के मामले अक्सर आते हैं, लेकिन इतनी बड़ी राशि लेकर कोई पहली बार आया है.

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First published: July 20, 2019, 11:12 AM IST
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