खदान विस्तार के लिए गुपचुप तरीके से हुई जन सुनवाई, ग्रामीण कर रहे विरोध
Janjgir News in Hindi

खदान विस्तार के लिए गुपचुप तरीके से हुई जन सुनवाई, ग्रामीण कर रहे विरोध
अनिचा सावन्त, पर्यावरण अधिकारी जांजगीर फोटो- ईटीवी

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में पर्यावरणीय जन सुनवाई गोपनीय तरीके से की गई. इसके लिए न तो कोई मुनादी हुई या ग्रामीणों को कोई जानकारी दी गई.

  • Share this:
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में पर्यावरणीय जन सुनवाई गोपनीय तरीके से की गई. इसके लिए न तो कोई मुनादी हुई या ग्रामीणों को कोई जानकारी दी गई.

बाराद्वार थाना क्षेत्र के डूमरपारा में बालाजी मेसर्स डोलो माइंट खदान विस्तार के लिए शनिवार को पर्यावरणीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया. इसमें महज 57 लोगों की उपस्थिति दर्शाती है कि जनसुनवाई गोपनीय तरीके से की गई. इस जन सुनवाई में जितने पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी उतने तो पक्ष और विपक्ष में बोलने वाले लोग भी मौजूद नहीं थे.

डूमरपारा गांव में हुई इस जनसुनवाई में प्रभावित गांव के लोगों को सूचना तक नहीं दी गई. खदान खुलने के फायदे व नुकसान के बारे में भी ग्रामीणों को नहीं बताया गया. ग्रामीण टेंट साज और सज्जा देख कर रुके तो कईयों ने तुरंत आकर विरोध भी किया. ये बात खदान प्रभावित लोग कह रहे हैं.



ये बात अलग है कि ईआईए नोटिफिकेशन नियमत: ग्राम पंचायतों को हिन्दी में उपलब्ध कराना होता है. जनसुनवाई में कई खदान का क्षमता डेढ़ लाख से तीन लाख तक करना है. अधिकारी बड़ी सफाई के साथ कह रहे है कि प्रचार प्रसार किया गया तो सवाल यह उठता है कि जब प्रचार प्रसार हुआ तो खाली कुर्सियों और संगीन के साए में जनसुनवाई क्यों?
इस तरह की जनसुनवाई महज उद्योग संचालन करने वाले लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जाता है. क्षेत्रीय ग्रामीण नहीं चाहते कि इसका विस्तार हो. आरोप तो यहां तक लग रहें है कि स्थानीय लोगों को खदान में काम नहीं मिल रहा इस लिए लोग मुखर होकर विरोध कर रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज