• Home
  • »
  • News
  • »
  • chhattisgarh
  • »
  • इस दूल्‍हे ने अनूठे तरीके से किया सरकार का विरोध, हर तरफ हो रही चर्चा

इस दूल्‍हे ने अनूठे तरीके से किया सरकार का विरोध, हर तरफ हो रही चर्चा

शादी के निमंत्रण पत्र पर 'हमारी भूल, कमल का फूल.'

शादी के निमंत्रण पत्र पर 'हमारी भूल, कमल का फूल.'

ग्राम पंचायत में कंप्‍यूटर ऑपरेटर रहे रामकुमार मनहर ने अपनी शादी के दौरान हाथों की मेहंदी और निमंत्रण पत्र पर ‘हमारी भूल कमल का फूल’ लिखवा कर सरकार के प्रति विरोध जताया.

  • Share this:
भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध जताने के लिए दूल्हे ने हाथों की मेहंदी और शादी के कार्ड में लिखवाया- ‘हमारी भूल कमल का फूल.’ यह शादी 26 फरवरी की थी, जो कि परंपरागत ढंग से संपन्न भी हो गई. बेलादुला गांव से यह शादी का कार्ड जब जांजगीर के शहरों तक पहुंचा तो लोगों के बीच शादी का कार्ड चर्चा का विषय बन गया है.

छत्‍तीसगढ़ में जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर ब्लाक के ग्राम बेलादुला में रहने वाले रामकुमार मनहर की शादी जिले के ही डभरा ब्लॉक के ग्राम गोबरा की रहने वाली धनेश्वरी के साथ 26 फरवरी को संपन्न हो गई. रामकुमार मनहर से जब इस कार्ड के संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि भाजपा सरकार की अनदेखी और सिस्टम की नीति से वे बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं.

एक हाथ में लिखवाया हमारी भूल. दूसरे हाथ में लिखवाया कमल का फूल.


रामकुमार ने बताया कि वर्ष 2014 में वे स्थानीय पंचायत में कंप्यूटर ऑपरेटर थे, लेकिन बजट नहीं होने की बात कहकर पंचायत विभाग ने लगभग हजारों ऑपरेटरों को अचानक नौकरी से निकाल दिया और आज तक उन्‍हें वापस काम पर नहीं लिया गया है. इसके बाद तमाम ऑपरेटर आस लगाए रोजगार की राह देख रहे हैं. इसीलिए भाजपा सरकार को नींद से जगाने और विरोध जताने के लिए शादी के कार्ड में ‘हमारी भूल कमल का फूल’ ऐसा स्लोगन लिखावाया है. उनके अनोखे विरोध प्रदर्शन का उनकी नई नवेली दुल्हन भी समर्थन कर रहीं हैं.

बेरोजगारी की मार झेल रहे रामकुमार ने सरकार के खिलाफ विरोध जताने एक अनोखा तरीका अपनाया, वहीं उनके बाकी साथी भी रामकुमार के विरोध जताने के इस अनोखे तरीका का समर्थन कर रहे हैं. उनका भी कहना है कि सरकार के फैसले के विरोध में ऑपरेटरों ने राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब के पास आंदोलन किया था. सरकार की ओर से नौकरी खत्म करते समय राज्य के पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर ने भरोसा दिलाया था कि वे दूसरी सरकारी नौकरियों में उन्हें प्राथमिकता देंगे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ है.

रामकुमार के साथियों का कहना है कि सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने और पुलिस की मार खाने के बजाय यह तरीका ठीक है. उन्‍होंने निर्णय लिया है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक सभी ऑपरेटर अपने-अपने रिश्तेदारों और परिवार के कार्यक्रमों में यही स्लोगन लिखवाएंगे.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज