पत्थलगांव क्षेत्र के टमाटर किसानों पर गहराया संकट, नहीं निकल पा रही लागत

आमतौर पर 8 से 10 रुपए प्रति किलो बिकने वाला टमाटर इस बार महज 3 से 4 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है. इससे किसानों का काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

Deepak Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: December 7, 2018, 1:13 PM IST
पत्थलगांव क्षेत्र के टमाटर किसानों पर गहराया संकट, नहीं निकल पा रही लागत
पत्थलगांव क्षेत्र के टमाटर किसानों के ऊपर फिर से मंडरा रहे संकट के बादल
Deepak Singh
Deepak Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: December 7, 2018, 1:13 PM IST
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में टमाटर नगरी के नाम से मशहूर पत्थलगांव क्षेत्र के टमाटर किसानों के ऊपर इस साल फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं. आमतौर पर 8 से 10 रुपए प्रति किलो बिकने वाला टमाटर इस बार महज 3 से 4 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है. इससे किसानों का काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

बता दें कि पत्थलगांव क्षेत्र में टमाटर की बंपर पैदावार होती है. इसी वजह से यह क्षेत्र टमाटर नगरी के नाम से जाना जाता है, लेकिन इस बार टमाटर नगरी के किसान बेहद मायूस हैं. इस बार कर्ज लेकर टमाटर की खेती करने वाले किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है, क्योंकि इस बार थोक में टमाटर के भाव 3-4 रुपए प्रति किलो मिल रहे हैं.

किसान इस बात को लेकर भी मायूस हैं कि पत्थलगांव के सबसे ज्यादा टमाटर उत्पादक लुड़ेग में पिछले कई वर्षों से टोमेटो सॉस की फैक्ट्री के साथ कोल्ड स्टोरेज के सरकार ने वादे किए थे, लेकिन आज तक वो वादे कभी पूरे नहीं किए गए. बता दें कि 2 साल पहले भी इन्हीं किसानों के टमाटर 1 रुपए प्रति किलो तक बिकने लगे थे, जिससे नाराज होकर किसानों ने अपने टमाटर सड़कों पर फेंक दिए थे.

अब इस साल भी दाम गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गयी है. किसानों के सामने कर्ज के बोझ तले दबने का संकट गहरा गया है. किसान काफी चिंतित और परेशान हैं.

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