पंचायत ने रेप आरोपियों से वसूला 30 हजार रुपये जुर्माना, फिर पूरे गांव को खिलाया मटन

जशपुर के बगीचा क्षेत्र की एसडीओपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं पहुंची है. फिर भी सूचना के आधार पर बुधवार को टीआई के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम गांव भेजी गई है.

News18 Chhattisgarh
Updated: July 12, 2018, 10:13 AM IST
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Updated: July 12, 2018, 10:13 AM IST
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले जशपुर में एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. जशपुर के मनोरा विकासखंड के एक गांव में तीन बच्चियों से रेप के बाद गांव में जश्न मनाने की जानकारी पुलिस को मिली है. बताया जा रहा है कि गांववालों ने जश्न के दौरान मटन बनाकर खाया. जानकारी मिलने के बाद बुधवार को पुलिस की एक टीम गांव रवाना हुई है.

जशपुर के मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत के एक गांव में तीन बच्चियों से रेप की बात सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, पंचायत ने पीड़ित पक्ष को पुलिस थाने जाने से भी रोक दिया. पंचायत ने खुद एक बैठक ली और अपना फैसला सुना दिया. पंचायत के फैसले के बाद आरोपी पक्ष से बतौर हर्जाना 30 हजार रुपये वसूला गया. इस रकम से मटन मंगाया गया और पूरे गांव को दावत दी गई. गांव ने मटन मंगा कर खाया और बचे पैसों को आपस में बांट लिया.

इस घटना को लेकर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. वीडियो में एक व्यक्ति घटना की जानकारी दे रहा है. इस व्यक्ति को पीड़ित बच्चियों में से एक का पिता बताया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले पीड़ित बच्चियों में से एक के पिता ने गांव के ही कुछ युवकों के साथ बच्चियों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा. इसके बाद मामला पंचायत के पास पहुंचा.

मामले में पंचायत बैठी. इस पंचायत में तमाम समुदाय के लोग शामिल हुए.
इसमें आरोपी पक्ष भी मौजूद था. मिली जानकारी के मुताबिक, पंचायत ने फैसला लिया कि पीड़ित पक्ष को 10—10 हजार रुपये हर्जाने के तौर पर दिए जाएं. तीनों आरोपी युवकों के पिता ने यह पैसे पीड़ित पक्ष को दे दिए. इसके बाद इन रुपयों से मटन मंगाया गया और पूरे गांव को दावत दी गई. इसके बाद बचे पैसों को 45 लोगों में 485 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से बांट दिया गया.

हालांकि जशपुर के बगीचा क्षेत्र की एसडीओपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं पहुंची है. फिर भी सूचना के आधार पर बुधवार को टीआई के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम गांव भेजी गई है. दूरस्थ इलाका होने के कारण वहां नेटवर्क नहीं है. इसके चलते टीम से संपर्क नहीं हो पा रहा है. टीम के वापस आने के बाद इस घटना की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी.
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