पत्थलगढ़ी को लेकर विवाद, आमने-सामने आए आदिवासी नेता
Jashpur News in Hindi

पत्थलगढ़ी को लेकर विवाद, आमने-सामने आए आदिवासी नेता
सांकेतिक फोटो.

छत्तीसगढ़ के जशपुर के बछरांव में पत्थलगढ़ी कार्यक्रम के बाद जशपुर समेत पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है.

  • Share this:
छत्तीसगढ़ के जशपुर में पत्थलगढ़ी कार्यक्रम के बाद अब बड़ा विवाद शुरू हो गया है. कार्यक्रम को लेकर अब आदिवासी नेता आमने सामने आ गए हैं. कार्यक्रम के 48 घण्टे बीत जाने के बाद भी आयोजकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. कुछ आदिवासी नेता इस कार्यक्रम को पूरे प्रदेश में शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं.

जशपुर के बछरांव में पत्थलगढ़ी कार्यक्रम के बाद जशपुर समेत पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है. आरोप है कि पत्थलगढ़ी कार्यक्रम के नाम पर खुलेआम सामाजिक सद्भाव को खराब करने का प्रयास किया जा रहा था. साथ ही आदिवासी समाज एवं अन्य वर्गों को वर्गीकरण कर खुलेआम एक दूसरे के खिलाफ भड़काया जा रहा था. बावजूद इसके वहां पर कोई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था.

पत्थलगढ़ी के कार्यक्रम को लेकर आदिवासी नेता आमने सामने आ गए हैं. पूर्व मंत्री एवं कद्दावर आदिवासी नेता गणेशराम भगत ने पत्थलगढी कार्यक्रम के माध्यम से बस्तर की तर्ज पर जशपुर को भी अशांत करने का एक कुत्सित प्रयास बताया है. वहीं इस मामले में प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर भी जमकर नाराजगी जताई है.



अन्य आदिवासी नेता इस पत्थलगड़ी कार्यक्रम को पूरे छत्तीसगढ़ में शुरू करने की बात कह रहे हैं. इस कार्यक्रम के रूपरेखा तैयार करने के लिए 29 अप्रैल को अम्बिकापुर में विशाल सभा का भी आयोजन किया गया है. कृपाशंकर भगत व पीटर खेस का कहना है कि प्रदेशभर में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज