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Covid-19: जिस महुआ से बनती है शराब, जशपुर के युवा साइंटिस्ट ने उससे बनाया सैनेटाइजर

जशपुर के युवा साइंटिस्ट ने महुआ से सैनेटाइजर बनाया.

छत्तीसगढ़ के जशपुर के एक युवा साइंटिस्ट ने लोगों को कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण से बचाने के लिए महुआ से सैनेटाइजर बनाया है. जशपुर कलेक्टर ने इस युवा वैज्ञानिक की तारीफ की है.

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जशपुर. वैश्विक महामारी बन चुके कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण से जंग में कई लोग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए प्रशासन का सहयोग कर रहा है. ऐसे में छत्तीसगढ़ के जशपुर के एक युवा साइंटिस्ट ने जिले में सैनेटाइजर (Sanitizer) की कमी को देखते हुए महुआ से सैनेटाइजर बनाया है. युवा साइंटिस्ट समर्थ जैन इस सैनेटाइजर का जिला प्रशासन एवं महिला स्वसहायता समूह के सहयोग से जिले में मुफ्त वितरण कर रहे हैं.

जशपुर के समर्थ जैन ने बताया कि वह पहले बेल्जियम में नौकरी करते थे. उनका कहना है कि लाखों के पैकेज की नौकरी छोड़कर जिले में लगातार समाज हित में काम कर रहे हैं. समर्थ बताते हैं कि जिले में सैनेटाइजर की कमी को देखते हुए इन्होंने इसके निर्माण का काम शुरू किया. महुआ से एल्कोहल बनाकर धनिया, नीम, तुलसी, अजवाइन, जीरा, लेमन ग्रास, यूकेलिप्टस और करंच के इस्तेमाल से सैनेटाइजर बनाकर तैयार कर लिया.

2 प्रकार के सैनेटाइजर

समर्थ कहते हैं कि वे दो प्रकार के सैनेटाइजर बना रहे हैं. एक सैनेटाइजर मेडिकल फील्ड के लोगों के लिए बनाया गया है. मेडिकल फील्ड में संक्रमण के ज्यादा खतरे को देखते हुए इस सैनेटाइजर में 80 प्रतिशत से अधिक एल्कोहल का इस्तेमाल किया गया है. वहीं आम लोगों के लिए बनाए गए सैनेटाइजर में 60 प्रतिशत एल्कोहल का इस्तेमाल किया जा रहा रहा है.

Chhattisgarh
समर्थ ने लोगों को सैनेटाइजर बांटे.


महुआ की पैदावार
जशपुर में महुआ की भरपूर पैदावार है इसलिए अब इस साइंटिस्ट के आविष्कार के बाद जिले से सैनेटाइजर की कमी खत्म होती दिखाई दे रही है. फिलहाल इनके द्वारा 15 लीटर सैनेटाइजर प्रतिदिन बनाया जा रहा है. इस सैनेटाइजर को महिला स्वसहायता समूह एवं जिला प्रशासन के माध्यम से जिले भर में वितरण किया जायेगा. प्रथम चरण में पुलिसकर्मियों को इस सैनेटाइजर का वितरण किया है और अब स्वास्थ्यकर्मियों मीडियाकर्मियों एवं जरूरी सेवाओं में लगे लोगों को इसका वितरण किया जा रहा है.

महिलाओं को दे रहे ट्रेनिंग

जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस टेक्नॉलॉजी को स्वसहायता समूह की महिलाओं को सिखाकर समर्थ महिलाओं को सैनेटाइजर निर्माण से जोड़ने की योजना पर काम कर रहे हैं. इस सैनेटाइजर को बनाने में बाहरी किसी भी चीज का इस्तेमाल नहीं किया गया है. समर्थ का दावा है कि सैनेटाइजर निर्माण शुरू होने के बाद पांच से छह राज्यों में इसकी सप्लाई की जा सकती है. जिले के कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने समर्थ के प्रयास की सराहना की है. कलेक्टर का कहना है कि सैनेटाइजर निर्माण में WHO की गाइडलाइंस का पालन किया गया है. जिले में हो रही सैनेटाइजर की कमी अब दूर हो जाएगी. कलेक्टर ने इसको लेकर एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने समर्थ की वाहवाही की है.

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