हाथियों के उत्पात से बचने के लिए लगाए जाएंगे नींबू और करौंदे के पौधों के साथ हाइमास्क लाइट

News18 Chhattisgarh
Updated: September 9, 2019, 8:51 AM IST
हाथियों के उत्पात से बचने के लिए लगाए जाएंगे नींबू और करौंदे के पौधों के साथ हाइमास्क लाइट
जशपुर - हाथियों को नियंत्रित करने के तहत पहला प्रयोग चारभाटी गांव में किया जाएगा

जशपुरनगर में हाथियों की समस्या से निबटने के लिए वन विभाग ने जंगलों की सीमा से सटे खेतों के पास कांटेदार नींबू और करौंदे के पौधे लगाने का फैसला किया है.

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जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर (JashpurNagar) में हाथियों का आतंक (Terror Of Elephant) बना हुआ है. इससे निबटने के लिए वन विभाग ने अब जंगलों की सीमा से सटे खेतों के पास कांटेदार नींबू (Lemon) और करौंदा के पौधों को लगाने का फैसला किया है. साथ ही हाथियों पर रात में भी नजर बनाए रखने के लिए हाइमास्क लाइट (HighMask Light) लगाने का निर्णय लिया गया है. वन विभाग (Forest department) के अनुसार इन दो उपायों से हाथियों पर काबू किया जा सकता है. ऐसा करने से हाथी गांव के अंदर नहीं आ पाएंगे. साथ ही लगाए गए पौधों से किसानों (Farmer) की कमाई भी होगी.

हाथियों के हमलों के चलते अब तक 9 लोगों की मौत

गौरतलब है कि हाथियों का दल लगातार फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाता रहा है. इस वजह से कई लोगों की जानें भी जा चुकी हैं. वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2019 में हाथियों के हमलों के चलते अब तक 9 लोगों की मौत (9 People Died) हो चुकी है.

खेतों की मेड़ पर नींबू और करौंदा के पौधे लगाए जाएंगे

वन विभाग हाथियों को नियंत्रित करने के लिए यह नया प्रयोग चारभाटी गांव में करेगा. चारभाटी गांव जंगल के किनारे बसा हुआ है. यहां प्राय: हाथियों का दल आता रहता है. इसलिए वन विभाग सबसे पहले यहीं नींबू और करौंदा के पौधों को लगाएगा. यहां ग्रामीणों के खेतों की मेड़ पर नींबू और करौंदा के पौधे लगाए जाएंगे. ये पौधे तीन लेयर में लगाए जाएंगे. वन विभाग का मानना है कि ऐसे में हाथियों का खेतों में प्रवेश करना आसान नहीं होगा.

रात में भी होगी हाथियों पर नजर


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रात में हाइमास्क लाइट के जरिए भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर होगीडीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने कहा कि जंगलों में हाइमास्क लाइट लगाने की योजना है. इससे हाथियों पर रात में न सिर्फ रात नजर रखी जाएगी बल्कि उन्हें नियंत्रित भी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है.

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First published: September 9, 2019, 8:30 AM IST
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