अस्पताल से नहीं मिला वाहन, हाथ रिक्‍शा में ले गए महिला का शव

छत्तीसगढ़ के जशपुर में एक महिला के शव को मृतिका के परिजनों द्वारा अस्पताल से घर हाथ रिक्सा से ले जाया गया.

ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 27, 2017, 12:05 PM IST
अस्पताल से नहीं मिला वाहन, हाथ रिक्‍शा में ले गए महिला का शव
The body of a woman taken to the hand
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Updated: August 27, 2017, 12:05 PM IST
छत्तीसगढ़ के जशपुर में मानवता को शर्मशार करने का मामला सामने आया है. यहां एक 85 वर्षीय महिला सादमती के शव को मृतिका के परिजनों द्वारा अस्पताल से घर हाथ रिक्सा से ले जाया गया. क्योंकि अस्पताल प्रबंधन ने शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया.
जशपुर में बीते 19 जुलाई को हुई इस घटना का वीडियो व फोटो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
आपको बता दें कि इससे पहले जशपुर के ही दुलदुला में भी शव वाहन नहीं मिलने पर कंधे पर शव ढोकर ले जाने का मामला भी सामने आया था. पूरा मामला जशपुर जिले के सिविल अस्पताल पत्थलगांव का है.बताया जाता है कि जुलाई महीने की 19 तारीख को शाम 6 बजे में महादेवटिकरा निवासी सदमती ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.
इसके बाद शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन नहीं मिल सका. जब परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से इस बारे में बात की तो उन्होंने साफ मना कर दिया. और कहा कि हमारे पास कोई सुविधा नहीं है. आप अपने सुविधा में घर ले जाइए.

इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन के बीएमओ जेम्स मिंज व ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर बसंत सिंह को भी दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया.
इसके बाद परिजनों ने गांव से ही एक रिक्सा बुलवाया और मृतिका सदमती के शव को उसमें डाल के घर ले गए.
मृतिका के परिजनों ने बताया कि पहले उन्होंने कई बार अस्पताल प्रबंधन से शव वाहन के संबंध में बात की, लेकिन कुछ देर रुक जाओ कहते कहते रात 10 बजे तक भी शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया.
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इसके बाद शव को हाथ ठेले पर ले जाने का निर्णय लिया गया. परिजनों ने बताया कि उन्होंने शव ले जाने की अनुमति भी अस्पताल प्रबंधन से नहीं ली. फिर भी किसी ने सवाल—जवाब नहीं किया.
गौरतलब है कि यदि अस्पताल में उपचार के दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है, तब शव अस्पताल की कस्टडी में हो जाता है, जिसे कुछ फॉर्मेलिटी पूरा करने के बाद परिजनों को सौंपा जाता है, लेकिन जशपुर के इस अस्पताल में ऐसा कुछ नहीं हुआ.
ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर व अन्य स्टाफ ने सबमति के शव का सुध लेना भी उचित नहीं समझा.
मृतका के परिजनों ने पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है.
मृतका के पोते मुकेश कुमार व लालजीत बताते हैं कि उन्होंने अस्पताल के हर जिम्मेदार से बात की, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला. इसके बाद मजबूरी में शव को ठेले पर ले जाना पड़ा.
मामले में जब अस्पताल के बीएमओ डॉ. जेम्स मिंज से मीडिया ने बात करने की कोशिश की तो पहले उन्होंने कैमरे में कुछ भी कहने से मना कर दिया. फिर लगातार बात करने पर उन्होंने इस मामले में मृतिका के परिजनों को ही जिम्मेदार बताया.
मिंज ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें शव वाहन उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन वाहन आने तक परिजनों ने इंतजार नहीं किया.
फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रबंधन के किसी भी जिम्मेदार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

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First published: August 27, 2017, 12:05 PM IST
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