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जशपुर: समस्याओं से जूझ रहे इस गांव में बुजुर्ग के शव को कंधे पर लादकर लाए परिजन

जशपुर: समस्याओं से जूझ रहे इस गांव में बुजुर्ग के शव को कंधे पर लादकर लाए परिजन

छत्तीसगढ़ में विकास की गंगा बहाने के किए जा रहे दावों के बीच मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह घटना जशपुर के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम फरसाटोली की है.

छत्तीसगढ़ के जशपुर में गांव तक सड़क ना होने से एक बुजुर्ग की जान चली गई. बुजुर्ग के शव को परिजनों को कंधे पर ढोकर नदी और पगडंडी पार कर घर लाना पड़ा. छत्तीसगढ़ में विकास की गंगा बहाने के किए जा रहे दावों के बीच मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह घटना जशपुर के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम फरसाटोली की है. दरअसल पत्थलगांव तहसील के ग्राम पंचायत फ़रसाटोली के आश्रित ग्राम गोलियाढ़ बनटोला निवासी रातूराम (65) लंबे अर्से से हृदयरोग सहित अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे.

रातूराम के परिजनों ने उनका इलाज रायगढ़ में कराया था. सप्ताह भर पहले ही रातूराम रायगढ़ से डिस्चार्ज होकर अपने घर पहुंचे थे. यहां शनिवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई. परिजनों ने बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने के लिए एक निजी वाहन किराए पर लिया, लेकिन यह वाहन सड़क के अभाव में गांव तक नहीं पहुंच पाया. मजबूर परिजन खाट पर लिटाकर रातू राम को कंधों पर ढाई किलोमीटर पैदल ढोकर ले गए. तब जाकर मुख्य मार्ग में खड़े वाहन तक पहुंच सके. इसमें लगभग 1 घंटे का समय लग गया. कोतबा अस्पताल पहुंचने पर यहां के चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद रातू राम को मृत घोषित कर दिया.

शोक में डूबे हुए निराश परिजन उसी वाहन से शव को लेकर घर के लिए रवाना हो गए, लेकिन घर तक शव को पहुंचाने के लिए एक बार फिर उन्हें शव को खाट पर रख कर कंधे पर ढोते हुए पहाड़ी नाला और पगडंडी पार करनी पड़ी. रातूराम के बेटे तिलक मिरी का कहना है कि सड़क की कमी गांव के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है. अनेक जिम्मेदार लोगों से लिखित में सड़क बनवाने की मांग की गई परंतु किसी भी जिम्मेदार ने इसके लिए पहल नहीं की. ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले इस गांव में दो गर्भवती महिलाओं ने भी इलाज के अभाव में इसी तरह दम तोड़ा था.

Tags: Chhattisgarh news, Jashpur news

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