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क्लर्क-वार्ड बॉय की सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी; मजबूरी का उठाया फायदा, इतने लाख ठगे

क्लर्क-वार्ड बॉय की सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी; मजबूरी का उठाया फायदा, इतने लाख ठगे

Chhattisgarh Big Crime: छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Chhattisgarh Big Crime: छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Chhattisgarh Big Crime: छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों ने एक मजबूर और परेशान व्यक्ति और उसके भाई को क्लर्क और वार्ड बॉय बनाने का झांसा दिया और उनसे साढ़े तीन लाख रुपये ले लिए. युवक पैसा देने के बाद आरोपियों को फोन लगाता रहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को इस मामले की शिकायत कर दी. ठगी के घटना पत्थलगांव थाना इलाके की है. पुलिस ने एक आरोपी को फरवरी की पहली तारीख को ही गिरफ्तार कर लिया था.

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जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक युवक से नौकरी के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी हो गई. उसने 2 लोगों के चक्कर में आकर अपने और भाई की नौकरी के लिए ये रुपये दे दिए. आरोपियों ने उससे कहा था कि वे दोनों को क्लर्क और वार्ड बॉय बनवा देंगे. पैसे मिलते ही दोनों गायब हो गए. पुलिस ने युवक की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. ठगी के घटना पत्थलगांव थाना इलाके की है.

पुलिस ने बताया कि 1 फरवरी को रघुनाथपुर निवासी देवप्रकाश सिदार (32) पत्थलगांव थाने पहुंचा. उसने बताया कि साल 2020 में वह और उसका भाई नौकरी के लिए परेशान थे. इस बीच उसकी मुलाकात नंदलाल सिदार (42) और सुदामा दास (42) से हुई. तीनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही और देवप्रकाश ने दोनों को नौकरी की परेशानी के बारे में बताया. उस वक्त आरोपियों ने उससे कहा कि उनकी पहुंच ऊपर तक है. परेशान न हो, किसी सरकारी विभाग में नौकरी लगवा देंगे.

आरोपियों की बातों में आ गया पीड़ित

इतना कहने के बाद नंदलाल और सुदामा ने देवप्रकाश से कहा कि इस काम के लिए रुपये देने होंगे. देवप्रकाश पूरी तरह उनकी बातों आ गया. पुलिस के मुताबिक, देवप्रकाश ने आरोपियों को अलग-अलग किस्तों में 2020 की फरवरी से पिछले साल जनवरी तक 2 लाख 90 हजार रुपये दिए. ये रुपये लेने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को खुद फोन करने का आश्वासन दिया. लेकिन, उसके बाद उनका कभी कोई फोन नहीं आया.

इस तरह हुई गिरफ्तारी

देवप्रकाश ने बताया कि वह कई दिनों तक आरोपियों को फोन करता रहा, लेकिन कोई बात नहीं हो सकी. जब वह बार-बार फोन करके थक गया तो मामले की शिकायत करने थाने पहुंचा. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने एक फरवरी को ही सुदामा दास को गिरफ्तार कर लिया. उसके बाद पुलिस ने नंदलाल के घर पर भी दबिश दी, लेकिन वह फरार था. इस बीच पुलिस को सूचना मिली की नंदलाल रायगढ़ के अपने घर गया हुआ है. पुलिस ने मौके पर दबिश दी और शुक्रवार को उसे भी गिरफ्तार कर लिया.

Tags: Chhattisgarh news, Jashpur news

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