पहाड़ी कोरवाओं पर नहीं है सरकार का ध्यान, बरसों से पी रहे गंदा पानी

पहाड़ी कोरवाओं पर नहीं है सरकार का ध्यान, बरसों से पी रहे गंदा पानी
पहाड़ी कोरवाओं पर नहीं है सरकार का ध्यान, बरसों से पी रहे गंदा पानी

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा आज भी साफ पानी को तरस रहे हैं.

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छत्तीसगढ़ में यूं तो जशपुर प्रदेश के विकासशील जिले में शुमार है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी जशपुर को विकासगड़ी का नाम दिया है, लेकिन जशपुर की ऐसी तस्वीर सामने आई है जिससे विकास के सारे दावों की पोल खुल गई है.

जशपुर जिले के नन्हेंसर में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा बड़ी संख्या में निवासरत हैं. इन पहाड़ी कोरवाओं के नाम पर अब तक अरबों रुपए पानी की तरह खर्च कर दिए गए हैं, लेकिन आज भी ये पहाड़ी कोरवा साफ पानी को तरस रहे हैं. छोटे गड्ढे को गांव के पहाड़ी कोरवाओं ने खोदा है. इसमें तैरते कीड़ों मकोड़ों को देख कोई भी यही सोचेगा कि इसका उपयोग नहाने वगैरह के लिए किया जाता होगा, लेकिन हकीकत यह है कि आजादी के बाद से आज तक इस गड्ढे का गंदा पानी पीकर यहां के पहाड़ी कोरवा अपना जीवन यापन कर रहे हैं. बारिश में तो स्थिति तब और विकराल हो जाती है जब बारिश का गंदा पानी बहकर इसी गड्ढे में आ जाता है.

इस गड्ढे से गांव के सैकड़ों लोग अपनी प्यास बुझाते हैं. यहां के ग्रामीणों ने जनदर्शन में कई बार आवेदन दिया, कई बार नए नए कलेक्टरों से गुहार लगाई लेकिन आज तक इनकी समस्या का निराकरण नहीं हो पाया. वैसे तो ये पहाड़ी कोरवा बीजेपी के वोट बैंक माने जाते हैं, लेकिन इस बार पहाड़ी कोरवा वोट बैंक की राजनीति भी समझ गए हैं. उनका कहना है कि चुनाव के वक्त कई नेता आते हैं, बड़े बड़े वादे करते हैं और लेकिन चुनाव जीतने के बाद इनकी सुध तक लेने कोई नहीं आता है.



वहीं इस संबंध में जनपद पंचायत बगीचा के सीईओ सोनमती तिर्की का कहना है कि गांव में पानी की समस्या का जल्द निराकरण किया जाएगा.
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