शिशुओं के संरक्षण के लिए लगाया गया "पालना"

कांकेर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की गई एक सकारात्मक पहल.असमय जन्मे बच्चों को मिलेगी पनाह

Jiwanand Haldar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 14, 2018, 2:05 PM IST
शिशुओं के संरक्षण के लिए लगाया गया
Protecting infants by putting them in crib
Jiwanand Haldar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 14, 2018, 2:05 PM IST
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक अच्छी पहल की गई है.इससे असमय जन्म नन्हे शिशुओं का लालन-पालन किया जाएगा. महिला बाल विकास विभाग ने जिले के कई स्थानों में पालना लगाया है.महिलाएं लोक लाज और समाज के भय से अपने नवजात शिशु को जंगल-झाड़ियों में फेंकते थे. अब  पालने में रख सकते है.

बताया दें की कांकेर जिले में ऐसी कई घटनाएं सामने आई है जिसमे नवजात शिशुओं को समाज के डर से जंगल-झाड़ी या कचरे में फेंक दिया जाता था. अब इन शिशुओं के संरक्षण के लिए सरकार दत्तक पुत्र एजेंसी द्वारा जगह-जगह पालना लगाएगी.
अब नवजात शिशुओं को झाड़ियो में न फेंक कर पालने में रख जा सकता है.


जो माता-पिता अपने बच्चों को पालने में असमर्थ है वे भी इस पालना में आकर अपनी बच्चे को रख सकते है. सरकार उसे बच्चे का पालन पोषण करेगी.यदि कोई व्यक्ति बच्चे को गोद लेना चाहता है कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को गोद भी ले सकते है.

दत्तक पुत्र एजेंसी के प्रबंधक ने बताया की शहर के कई इलाकों में पालना रखा गया है. अब तक 12 बच्चे पालने में मिले.जिसमे से 7 बच्चों को गोद लिया जा चुका है.अभी 5 बच्चों का लालान-पालन पालना सेंटर कर रही है.
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