रसोइया संघ हड़ताल पर, 10 दिन से बाधित बच्चों का मध्याह्न भोजन
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रसोइया संघ हड़ताल पर, 10 दिन से बाधित बच्चों का मध्याह्न भोजन
खाना बनाती स्कूली बच्चियां

कांकेर जिले में रसोइया संघ के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिले के सभी स्कूलों में बच्चों के भोजन की व्यवस्था में काफी परेशानी हो रही है. बता दें कि इस दौरान कहीं बच्चे खुद से भोजन बना रहे हैं, तो कहीं पर चपरासी या सफाई कर्मियों द्वारा भोजन बनाकर बच्चों को परोसा जा रहा है.

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रसोइया संघ के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिले के सभी स्कूलों में बच्चों के भोजन की व्यवस्था में काफी परेशानी हो रही है. बता दें कि इस दौरान कहीं बच्चे खुद से भोजन बना रहे हैं, तो कहीं पर चपरासी या सफाई कर्मियों द्वारा भोजन बनाकर बच्चों को परोसा जा रहा है. ऐसे में कई स्कूल की हालत ऐसी है जहां भोजन के लिए शिक्षक द्वारा कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है. मामला कांकेर मुख्यालय से सटे आतुर गांव के प्राथमिक और मिडिल स्कूल का है.

लिहाजा, इस वजह से बच्चे पिछले 8-10 दिन से दोपहर के भोजन से वंचित हैं. मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल में सब कुछ उपलब्ध रहने के बावजूद बच्चों को भोजन नहीं मिल पाया. आपको बता दें कि कांकेर मुख्यालय से सटे आतुर गांव के प्राथमिक और मिडिल स्कूल में करीब 10 दिन तक बच्चों को मध्यान्ह भोजन नहीं मिला है. इस दौरान बच्चे दोपहर में अपने घर भोजन करने जाया करते हैं.

वहीं बच्चों का कहना है कि वे बहुत परेशान हैं. बच्चों का कहना है कि वे सभी बच्चे मिलकर स्कूल में अपने और अन्य बच्चों के लिए भोजन बनाते हैं.



बहरहाल, मालूम हो कि सरकार ने बच्चों को कुपोषण से मुक्त कर सुपोषण के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना मध्यान भोजन की शुरुआत की है. ताकि बच्चे भूखे न रहे, लेकिन शिक्षकों की लापरवाही के चलते कई दिनों तक बच्चे मध्यान भोजन से वंचित हैं. ऐसे में सरकार के इस मिड डे मील योजना पर कई सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं.
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